इसीएचएस बक्सर की लचर व्यवस्था पर भड़के पूर्व सैनिक

इस दौरान पूर्व सैनिकों ने ईसीएचएस में लंबे समय से चल रही व्यवस्थागत खामियों पर गंभीर चिंता जताई और त्वरित समाधान की मांग रखी.

बक्सर. पूर्व सैनिकों की समस्याओं को लेकर आइइएसएम (पूर्व सैनिक संघ) बक्सर के चेयरमैन डॉ मेजर पीके पांडेय तथा जिलाध्यक्ष सूबेदार हरेंद्र तिवारी ने अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ शुक्रवार को इसीएचएस बक्सर के ओआइसी कर्नल डीएन सिंह से मुलाकात की. इस दौरान पूर्व सैनिकों ने ईसीएचएस में लंबे समय से चल रही व्यवस्थागत खामियों पर गंभीर चिंता जताई और त्वरित समाधान की मांग रखी. बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई. सबसे गंभीर समस्या डॉक्टरों की अनुपस्थिति की रही. पूर्व सैनिक संघ ने बताया कि पिछले 12 नवंबर से ईसीएचएस बक्सर में एक भी अधिकृत डॉक्टर मौजूद नहीं है, जबकि दो पद स्वीकृत हैं. जिले के लगभग 150 पूर्व सैनिक 40 किलोमीटर दूर-दराज़ क्षेत्रों से केंद्र पर आते हैं, लेकिन उन्हें केवल एक दंत चिकित्सक पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है. मरीजों में गलत दवा मिलने का भय भी व्याप्त है. इस संबंध में लिखित शिकायत और अनुरोध पत्र ओआईसी को सौंपा गया. वहीं पूर्व सैनिकों ने इंपैनल्ड अस्पतालों, विशेषकर पटना के पारस अस्पताल पर भी गंभीर आरोप लगाए. कहा गया कि अस्पताल प्रबंधन कई दवाएं व इंजेक्शन बाहर से खरीदने को कहता है, जिससे मरीज आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान होते हैं. कई सैनिक परिवार ऐसे भी हैं जो अपनी बात स्पष्ट रूप से नहीं रख पाते, जिससे उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है. इस पर ओआईसी ने सलाह दी कि ऐसे मामलों में संयुक्त निदेशक से संपर्क किया जाए. एंबुलेंस का उपयोग रजिस्टर में दर्ज करने, दवा वितरण काउंटर पर सुबह के समय में पहले तीन घंटा के लिए एक प्रशिक्षित दवा वितरण के लिए कर्मी नियुक्त करने, बैठक के अंत में चेयरमैन और जिलाध्यक्ष ने डॉक्टरों की शीघ्र बहाली की मांग दोहरायी. पूर्व सैनिकों ने भी इसीएचएस स्टाफ से सौहार्दपूर्ण व्यवहार की अपेक्षा जतायी. समग्र रूप से बैठक सकारात्मक रही और शीघ्र सुधार की उम्मीद व्यक्त की गयी. इसके प्रति ओआईसी से सकारात्मक आश्व��सन मिला है.

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Published by: Amlesh prasad

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