बक्सर की बेटी सुंदरी कुमारी ने बिना किसी कोचिंग के घर पर की तैयारी, बनी स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर

BPSC Success Story : बक्सर जिले के चौसा प्रखंड की रहने वाली सुंदरी कुमारी ने बीपीएससी परीक्षा में 2549वीं रैंक हासिल की है. उनका चयन स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर हुआ है.

चौसा से विनोद कुमार सिंह की रिपोर्ट
BPSC Success Story : अगर हौसले बुलंद हों, तो सीमित संसाधन और आर्थिक तंगी भी सफलता की राह नहीं रोक सकते. इसे सच कर दिखाया है बक्सर जिले के चौसा प्रखंड स्थित बनारपुर गांव की बेटी सुंदरी कुमारी ने. उन्होंने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य में 2549वीं रैंक हासिल की है. इस बड़ी उपलब्धि के दम पर उनका चयन स्टेट टैक्स असिस्टेंट कमिश्नर (राज्य कर सहायक आयुक्त) के पद पर हुआ है.

सुंदरी की इस कामयाबी से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे बक्सर जिले का मान बढ़ा है. परिणाम घोषित होने के बाद से ही ग्रामीणों और शुभचिंतकों द्वारा उन्हें बधाई देने का सिलसिला लगातार जारी है.

पिता करते हैं मजदूरी, बिना किसी कोचिंग के घर पर रहकर शुरू की पढ़ाई

सुंदरी कुमारी का परिवार बेहद साधारण है. उनके पिता अनिल राम मजदूरी करके घर चलाते हैं. घर की आर्थिक परेशानियां भी सुंदरी के हौसलों को डिगा नहीं सकीं. उनके संघर्ष की खास बात यह है कि उन्होंने इस परीक्षा की शुरुआती तैयारी बिना किसी कोचिंग के, अपने घर पर रहकर खुद से ही की थी.

गांव में खुशी की लहर

सुंदरी ने अपनी पढ़ाई गांव के ही हाई स्कूल से मैट्रिक (10वीं) और बक्सर के महर्षि विश्वामित्र कॉलेज से स्नातक (ग्रेजुएशन) तक पूरी की. वे बचपन से ही प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देख रही थीं.

पहले प्रयास की असफलता से नहीं हारीं हिम्मत, दूसरे प्रयास में हासिल किया लक्ष्य

सुंदरी को अपने पहले प्रयास (अटेम्प्ट) में मुख्य परीक्षा (मेन्स) में सफलता नहीं मिल सकी थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत हारने के बजाय अपनी कमियों को सुधारा. वे दोगुनी मेहनत के साथ फिर से तैयारी में जुट गईं. उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में पहले प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) पास की, और फिर आगे की तैयारी के लिए पटना चली गईं. पटना में मुख्य परीक्षा की बेहतर तैयारी करने के बाद आखिरकार उन्होंने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया.

Buxar News : आत्मविश्वास को बताया सफलता की कुंजी

अपनी इस शानदार सफलता पर सुंदरी कुमारी ने कहा कि मेहनत और लगन कभी बेकार नहीं जाती. अगर मन में आत्मविश्वास और समर्पण हो, तो कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है. उनकी इस कामयाबी से इलाके के युवाओं में नया जोश है, खासकर ग्रामीण परिवेश से आने वाली बेटियों के लिए वे एक बड़ी मिसाल बन गई हैं.

प्रतियोगी छात्रों के लिए बनी प्रेरणा

लोगों का कहना है कि सुंदरी ने यह साबित कर दिया है कि गांव की बेटियां भी अपनी प्रतिभा के दम पर बड़े से बड़ा मुकाम हासिल कर सकती हैं. आज सुंदरी कुमारी हजारों प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं.

Also Read: 12 बार फेल, पत्नी बनीं सबसे बड़ी ताकत, BPSC 70वीं में बक्सर के अजीत को मिली 726वीं रैंक

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Kumarsuryakant

सूर्यकांत कुमार तीन वर्षों से हिंदी डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. स्थानीय और हाइपरलोकल पत्रकारिता में विशेष अनुभव रखते हैं. कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर का भी व्यावहारिक अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत एक डिजिटल न्यूज चैनल से की और विभिन्न डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कार्य करते हुए समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया है. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >