विरोध . नोटों की किल्लत से परेशान लोगों का गुस्सा फूटा

Updated at : 31 Jan 2017 4:22 AM (IST)
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विरोध . नोटों की किल्लत से परेशान लोगों का गुस्सा फूटा

नोटों की किल्लत से परेशान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. चौसा एसबीआइ से रुपये की निकासी नहीं होने पर आक्रोशितों ने उदाकिशुनगंज-चौसा मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया. चौसा : नोटों की किल्लत से परेशान लोग अब आंदोलन पर उतारू है. सोमवार को चौसा एसबीआइ से पैसा नहीं मिलने पर नाराज ग्रामीणों ने घंटों उदाकिशुनगंज चौसा […]

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नोटों की किल्लत से परेशान लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. चौसा एसबीआइ से रुपये की निकासी नहीं होने पर आक्रोशितों ने उदाकिशुनगंज-चौसा मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया.

चौसा : नोटों की किल्लत से परेशान लोग अब आंदोलन पर उतारू है. सोमवार को चौसा एसबीआइ से पैसा नहीं मिलने पर नाराज ग्रामीणों ने घंटों उदाकिशुनगंज चौसा मुख्य मार्ग को जाम कर हंगामा किया. लोग इस कदर क्रुद्ध थे कि उन्होंने बैंक में ताला भी लगा दिया. सभी ने एक स्वर से कहा चौसा भारतीय स्टेट बैंक में कई दिनों से ग्राहक को रुपये के लिए भटकना पर रहा है. सब काम काज छोड़कर राशि निकालने आते है. लेकिन राशि नहीं निकलने से निराश होकर लोट जाते है.
इस बाबत पूजा देवी, रानी देवी, बोबी देवी, कल्पना देवी, गोपाल मंडल, किस्मत अली, मुकेश कुमार, योगेश कुमार, अभिषेक कुमार, मिथिलेश कुमार, ने कहा कि रुपये निकासी के लिए महिलाओं की परेशानी को भी ध्यान में नहीं रखा जाता है. बैंक में जो सिपाही रहते है वे भी लोगों को कतारबद्ध कराने की जगह बेकार खड़े रहते है. जबकि इस बैंक में लोग दूर दूर से राशि की निकासी के लिए आते है. चौसा प्रखंड में एक मात्र भारतीय स्टेट बैंक होने के कारण चौसा प्रखंड अंतर्गत रसलपुर धुरिया कलासन, लौआलगान, भटगामा, फुलौत, चीरोरी, पंचायत, अरजपुर, चौसा पूर्वी पंचायत, घोसई, पैना, सहित कई अन्य गांव सहित 20 किलोमीटर दूर से काफी संख्या में ग्राहक आते है.
यूबीजीबी में है अराजकता . मुख्य बाजार स्थित उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक भी लोगों को राशि नहीं रहने के कारण मुंह चिढ़ाता रहा. ग्राहक अरजपुर, कलासन, लौआलगान, भटगामा, सहित कई अन्य गांव के ग्रामीण क्षेत्र के लोग ग्रामीण बैंक में खाता खुला लिये है. सुविधा उपलब्ध होगा. लेकिन यह भी कहा जाता है कि कथनी और करनी दोनों में अंतर है. मालूम हो कि इस बैंक में अधिक भीड़ के साथ ग्राहक को कतार लगाने के लिए कोई नजर नहीं आता है जिससे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है. स्थानीय राजा कुमार, राजकुमार शाह, मुकेश कुमार, बिरेद्र कुमार बीरू, साजन कुमार, सुरेंद्र प्रसाद, मनीष कुमार, आशीष कुमार, राजकुमार मंडल, अमित कुमार ने कहा कि बैंक में अधिक समय तक भीड़ रहने के कारण निकासी जमा परची नहीं देते है. किसी – किसी दिन भी रूपया आते भी है तो सभी सरकारी कर्मचारी को दे दिया जाता है. बाकी आम आदमी को रुपया के लिए एक दिन क्या रोज आना जाना नियत बन गया है. लेकिन रुपया नहीं मिल सका है. बैंक के शाखा प्रबंधक ने कहा कि रुपया कम आने से परेशानी हो रही है. रुपये बढ़ने से ग्राहक को हर संभव कोशिश कर रुपया दिया जायेगा.
26 जनवरी के कारण सुरक्षा बल उपलब्ध नहीं हो पाये थे. इसलिए नोट उपलब्ध नहीं हो सका. अगले 48 घंटे में स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जायेगी. आरबीआइ को भी सभी स्थिति की जानकारी दी गयी है.
संजय कुमार करण, मुख्य प्रबंधक, एसबीआइ मधेपुरा.
राशि नहीं रहने के कारण अधिकतर एटीएम बंद है. किसी तरह कुछ एटीएम को चालू रखा गया है. एक दो दिन में आरबीआइ से राशि मिलते ही सभी एटीएम चालू कर दिये जायेंगे.
बाबूलाल मुर्मु, रोकड़ अधिकारी, एसबीआइ मधेपुरा.
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