राजगीर अंचल कार्यालय में राजस्व कर्मचारियों के स्थानांतरण के बाद उत्पन्न प्रशासनिक स्थिति को देखते हुए अंचल प्रशासन ने आरटीपीएस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी है. यह प्रभात खबर की खबर का असर है.
प्रभात खबर में मंगलवार के अंक में 'राजगीर अंचल में राजस्व कर्मचारी नहीं, प्रमाण पत्र बनना ठप' शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी. अंचल अधिकारी कौशिल्या कुमारी ने आदेश जारी करते हुए राजस्व कर्मचारियों की नई पदस्थापना एवं हल्का आवंटन होने तक अंचल अमीनों के बीच पंचायतों का अस्थायी बंटवारा कर दिया है.
जारी आदेश के अनुसार, अंचल अमीन रविन्द्र चौधरी को पथरौरा, नई पोखर एवं लोदीपुर पंचायत, राजेश कुमार सिन्हा को नगर पंचायत राजगीर, पिलखी एवं नाहुब पंचायत तथा पुष्पा कुमारी को बरनौसा, भूई, मेयार एवं गोरौर पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
अमीनों को दिए गए निर्देश, समय पर देना होगा जांच प्रतिवेदन
संबंधित अमीनों को निर्देश दिया गया है कि वे आवंटित पंचायतों से आरटीपीएस पोर्टल पर प्राप्त सभी आवेदनों की स्थलीय जांच कर समय पर अपना जांच प्रतिवेदन आरटीपीएस कर्मी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें.
इससे आय, जाति, निवास, क्रीमी लेयर सहित अन्य प्रमाण-पत्रों से जुड़े मामलों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर हो सके.
राजस्व कर्मचारियों की पदस्थापना तक लागू रहेगी अस्थायी व्यवस्था
अंचल अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी और कार्यहित में की गई है. जैसे ही राजस्व कर्मचारियों की पदस्थापना एवं हल्का आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी, यह वैकल्पिक व्यवस्था स्वतः समाप्त हो जाएगी.
आम नागरिकों को सहूलियत मिलने की उम्मीद
प्रशासन का उद्देश्य आम नागरिकों को राजस्व एवं आरटीपीएस सेवाओं में किसी प्रकार की असुविधा न होने देना तथा लंबित आवेदनों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना है.
इस निर्णय से फिलहाल पंचायत स्तर पर लंबित जांच कार्यों में तेजी आने और आम लोगों को समय पर प्रमाण-पत्र उपलब्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है.
