अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) हिलसा द्वारा मंगलवार को एसयू कॉलेज, हिलसा में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में शीघ्र नामांकन और शिक्षण कार्य शुरू करने की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला गया. छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील की.
स्वीकृति मिलने के बावजूद शुरू नहीं हुई प्रक्रिया
एबीवीपी के जिला संयोजक नीतीश कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय की सिंडिकेट के मद संख्या 20.16 के तहत एसयू कॉलेज, हिलसा में रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र और हिंदी विषयों में पीजी पाठ्यक्रमों को स्वीकृति मिल चुकी है.
इसके बावजूद, इन पाठ्यक्रमों में अब तक न तो नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई है और न ही नियमित शिक्षण कार्य प्रारंभ किया गया है.
इस कारण हिलसा और आसपास के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है.
छात्रों के भविष्य के साथ हो रहा है अन्याय: छात्र नेता
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आदित्य कुमार और कॉलेज अध्यक्ष तुषार कुमार ने संयुक्त बयान में कहा कि जब विश्वविद्यालय द्वारा इन विषयों की स्वीकृति दी जा चुकी है, तब नामांकन और शिक्षण कार्य में अनावश्यक देरी छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र नामांकन प्रक्रिया और कक्षाएं शुरू नहीं की गईं, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी.
परिषद ने अविलंब नामांकन प्रक्रिया शुरू करने की की मांग
परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए स्वीकृत सभी पीजी पाठ्यक्रमों में अविलंब नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ की जाए तथा नियमित कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए.
इसका उद्देश्य हिलसा और आसपास के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है.
इस अवसर पर आशीष रंजन, सूरज कुमार, आदित्य कुमार, मोहित पांडे, अभिषेक कुमार, सौरभ कुमार, आयुष कुमार, राघव सूरज, मनीष कुमार, राकेश कुमार सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे.
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