बिहार में फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने वाले 3 हजार से ज्यादा शिक्षकों की जाएगी नौकरी, अब तक मिले वेतन की भी होगी वसूली

Bihar Fake Teachers: बिहार के सरकारी स्कूलों में 3035 शिक्षकों के फर्जी प्रमाण पत्र पाए गए हैं. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में यह खुलासा हुआ है. सरकार ऐसे शिक्षकों की सेवा समाप्त करने और अब तक मिले वेतन की वसूली की तैयारी कर रही है.

Bihar Fake Teachers: बिहार के सरकारी स्कूलों में फर्जी शैक्षणिक और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षकों पर अब कार्रवाई की तैयारी है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में 3035 ऐसे शिक्षकों की पहचान हुई है, जिनके प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए हैं. सरकार इनकी सेवा समाप्त करने के साथ वेतन की भी वसूली करेगी.

1830 एफआईआर दर्ज, शिक्षा विभाग को भेजी गई सूची

फर्जी प्रमाण पत्र मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने अब तक 1830 एफआईआर दर्ज कराई है.

जांच में सामने आया है कि कई शिक्षकों ने नकली डिग्री, फर्जी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र और गलत दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की थी. इन सभी शिक्षकों की सूची शिक्षा विभाग को कार्रवाई के लिए भेज दी गई है.

वेतन और मानदेय की होगी वसूली

अधिकारियों के मुताबिक, जिन शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं, उनकी सेवा समाप्त की जाएगी. इसके अलावा नौकरी के दौरान मिले वेतन, मानदेय और अन्य भुगतान की राशि भी ब्याज के साथ वापस ली जाएगी.

3.50 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच पूरी

निगरानी ब्यूरो ने अब तक करीब 3.50 लाख शिक्षकों के 6.70 लाख प्रमाण पत्रों की जांच पूरी कर ली है. इस दौरान नेपाल सहित देश के कई राज्यों के 378 बोर्ड और विश्वविद्यालयों से प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया.

कई शिक्षकों के प्रमाण पत्र मिले संदिग्ध

जांच में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं. कुछ शिक्षकों के प्रमाण पत्र से जुड़े कॉलेज मौके पर मिले ही नहीं. कई संस्थानों ने प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर दिया. वहीं, कुछ दस्तावेजों में नाम, रोल नंबर और पते में भी अंतर पाया गया.

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फर्जी कॉलेज और गलत डिग्री से मिली नौकरी

जांच में ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां शिक्षकों ने दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया. कुछ प्रमाण पत्र ऐसे संस्थानों के मिले हैं, जिनकी मान्यता ही नहीं थी. ऐसे शिक्षकों पर अब विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

कार्रवाई से पहले कुछ शिक्षकों ने दिया इस्तीफा

निगरानी ब्यूरो के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के बाद कुछ फर्जी शिक्षकों ने कार्रवाई से बचने के लिए अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया. वहीं, कुछ मामलों में प्रमाण पत्र से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण जांच अभी जारी है.

2006 से 2015 की बहाली की हो रही जांच

यह मामला साल 2006 से 2015 के बीच हुई शिक्षक बहाली से जुड़ा है. बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्री और प्रमाण पत्र के मामले सामने आने के बाद पटना हाईकोर्ट के आदेश पर निगरानी ब्यूरो जांच कर रहा है.

जांच पूरी होने के बाद फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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Published by: Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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