Bihar Industrial Development: बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई फैसले ले रही है. इसी क्रम में बुधवार को बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को लेकर खास फैसला लिया गया. सरकार राज्य में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए 25000 करोड़ रुपये खर्च करेगी.
सीएम सम्राट ने बैठक में दी मंजूरी
इसके लिए सीएम सम्राट चौधरी ने जमीन अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार (आयडा) को वित्तीय संस्थानों से राज्य सरकार की गारंटी पर 25000 करोड़ रुपये लोन लेने के लिए अधिकृत करने की स्वीकृति दी. बिहार कैबिनेट में टोटल 29 एजेंडों पर मुहर लगी थी. ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र के डेवलपमेंट को लेकर फैसला बेहद खास माना जा रहा है.
बिहार सरकार के फैसले से होगा ये फायदा
राज्य सरकार के इस फैसले से आर्थिक विकास को गति, बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, घरेलू और विदेशी निवेश, राज्य का सर्वांगीण विकास, युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सशक्त बनाना और कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक बनाने में सहायता मिलेगी. बिहार सरकार ने एक करोड़ युवाओं को 2030 तक नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य बनाया है. ऐसे में बिहार सरकार को इस लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिल सकेगी.
बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 की बढ़ी अवधि
इस दौरान राज्य में औद्योगिक निवेश को गति देने के उद्देश्य से बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 की अवधि कैबिनेट ने बढ़ा दी है. निवेशकों की बढ़ती रुचि और राज्य में निवेश की निरंतरता बनाए रखने के लिए इस पैकेज को 31 दिसंबर 2026 या नई औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति-2026 लागू होने की तारीख (जो पहले हो) तक प्रभावी रखने का निर्णय लिया गया है.
उद्योग विभाग के अनुसार, 26 अगस्त 2025 के तहत बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 लागू किया गया था. बाद में 1 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी की गई, जिसके बाद इसकी वैधता 30 जून तक निर्धारित की गई थी. राज्य में लगातार बढ़ रहे औद्योगिक निवेश प्रस्तावों और निवेशकों की रुचि को देखते हुए पैकेज की अवधि का विस्तार किया गया है.
