— चांद दिखने के बाद बच्चों ने पटाखा फोड़ मनायी खुशी
माहे रमजान का चांद बुधवार को देखा गया. गुरुवार को पहला रोजा रखा जायेगा. वहीं, चांद दिखने के साथ ही मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज बुधवार से इशा की नमाज के बाद शुरू हो गयी. दूसरी तरफ मुस्लिम मोहल्लों में चांद दिखने के बाद बच्चों ने पटाखा फोड़ा. मस्जिदों से चांद होने का एलान किया गया. बच्चों व युवाओं को माहे रमजान को लेकर उत्साह चरम पर था. मोबाइल से एक-दूसरे को फोन को माहे रमजान का मुबारकवाद दे रहे थे. खानकाह-ए-पीर दमड़िया शाह के 15वें सज्जादानशीं सैयद शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि रमजान सब्र व माफी का महीना है. इस मुकद्दस महीने में लोगों की दुआ कबूल होती है. लिहाजा उम्मत-ए-मोहम्मदिया को अल्लाह को खुश और राजी करने के लिए इबादत व जिक्र में लग जाना चाहिए. रमजान का मुकद्दस महीना शुरू होते ही तमाम अहले ईमान नेकियों की राह पर चलने के लिए तैयार हैं.
शाह हसन ने कहा कि यह भलाई व खिदमत-ए-खल्क करने का महीना है. किसी रोजेदार को इफ्तार करा दें, तो उसको भी रोजा रखने के बराबर सवाब मिलता है. रमजान का माह अल्लाह से माफी मांगने व रहमत तलब करने का महीना है. सज्जादानशीं शाह हसन ने देशवासियों को पवित्र महीना रमजान की बधाई दी है.