bhagalpur news. सुपर जोनल दंडाधिकारी को उड़नदस्ता टीम से हटाया

कहलगांव अनुमंडल के गुरु कृपा एकेडमी परीक्षा केंद्र पर मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन कम उम्र में शादी करने वाले कुछ परीक्षार्थी को परीक्षा में बैठने से रोकने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया है

कहलगांव अनुमंडल के गुरु कृपा एकेडमी परीक्षा केंद्र पर मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन कम उम्र में शादी करने वाले कुछ परीक्षार्थी को परीक्षा में बैठने से रोकने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया है. अभिभावकों की शिकायत पर अनुमंडल पदाधिकारी ने उड़नदस्ता सह सुपर जोनल दंडाधिकारी के नेतृत्व कर रहे अनुमंडल लोक निवारण शिकायत पदाधिकारी बैजयंती को हटा दिया. उनकी जगह पर भूमि सुधार उपसमाहर्ता मोहम्मद सरफराज नवाज को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. दूसरी तरफ बुधवार को जिले के 61 केंद्रों पर दोनों पाली में गणित विषय की परीक्षा हुई. दो पाली मिलाकर कुल 45050 उपस्थित व 882 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. पहली पाली में 22605 परीक्षार्थी शामिल हुए और 411 अनुपस्थित रहे. जबकि दूसरी पाली में 22445 परीक्षार्थी उपस्थित व 471 ने परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे. डीईओ राज कुमार शर्मा ने कहा कि परीक्षा कदाचार मुक्त व शांतिपूर्ण वातावरण में कराया गया. किसी केंद्र से निष्कासन की सूचना नहीं मिली है. गुरुवार को दोनों पाली में द्वितीय मातृभाषा संस्कृत की परीक्षा होनी है. परीक्षा व्यवस्था को लेकर जताया संतोष

परीक्षा को लेकर बिहार बोर्ड से नियुक्त नोडल सह उड़नदस्ता पदाधिकारी डॉ सीतांशु शेखर ने संतोष जताया कि परीक्षा बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षा संचालित की जा रही है. इसके पूर्व उन्होंने पहले दिन कहलगांव के सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था को देखा. बुधवार को नवगछिया के 10 परीक्षा केंद्रों, राय हरिमोहन ठाकुर मुक्त विद्यालय व नव स्थापित जिला स्कूल का भी निरीक्षण किया. परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के लिए की गयी व्यवस्था के बारे में जानकारी ली.

ऑब्जेक्टिव आसान, तो सब्जेक्टिव प्रश्न कठिन

सीएमएस उच्च विद्यालय केंद्र से परीक्षा देकर निकले छात्र रोहित कुमार, सौरभ व अमित ने बताया कि ऑब्जेक्टिव प्रश्न आसान थे. जबकि सब्जेक्टिव प्रश्न कठिन थे. वहीं, छात्र सुनील कुमार व रंजीत कुमार ने बताया कि त्रिकोणमिति, मीन, मेडियन और मोड से जुड़े सवाल कठिन थे.

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By ATUL KUMAR

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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