bhagalpur news. भागलपुर में मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा 27-28 फरवरी को संभावित, बैजानी में होगा कार्यक्रम

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित भागलपुर दौरे को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है. 27-28 फरवरी को भागलपुर में

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित भागलपुर दौरे को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है. 27-28 फरवरी को भागलपुर में भ्रमण कार्यक्रम संभावित है. जगदीशपुर प्रखंड की बैजानी पंचायत में कार्यक्रम संभावित है. इस संबंध में जिलाधिकारी ने ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव को पत्र भेजा है. बैजानी के पंचायत सरकार भवन से पुस्तकालय मंडल टोला होते हुए पंचानंद हाई स्कूल तक ग्रामीण सड़क की स्थिति काफी जर्जर है. उक्त जर्जर सड़क की शीघ्र मरम्मत कराये जाने की आवश्यकता जतायी गयी, ताकि वाहनों के आवागमन में असुविधाओं का सामना नहीं करना पड़े. इसे लेकर संबंधित पदाधिकारी को निदेशित करने का अनुरोध सचिव से किया गया है. इसकी सूचना ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता को भी दी गयी है. पदाधिकारियों का लगातार हो रहा दौरा बैजानी पंचायत में लगातार जिलास्तरीय पदाधिकारियों का दौरा हो रहा है. जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी व डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह कई बार निरीक्षण कर चुके हैं. विकास योजनाओं की प्रगति की लगातार ऑन स्पॉट समीक्षा की जा रही है. पंचायत क्षेत्र के तालाब, कुआं आदि सामुदायिक स्थलों को समृद्ध किया जा रहा है. पंचायत सरकार भवन के निकट प्रस्तावित विवाह मंडप निर्माण शुरू कराने की तैयारी चल रही है. जगदीशपुर प्रखंड आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित है. लिहाजा आकांक्षी प्रखंड के मानकों के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आधारभूत संरचना व आजीविका से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर नजर रखी जा रही है. पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, पंचायत सरकार भवन, स्वास्थ्य उपकेंद्र, पुस्तकालय की व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ATUL KUMAR

ATUL KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

bhagalpur news. भागलपुर में विकसित होंगी राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, धोनी और ईशान किशन की राह पर निकलेंगे नये सितारे

bhagalpur news. पुलिया हटाने के विरोध मामले में जांच करने पहुंचे एसडीएम व नाथनगर विधायक

bhagalpur news. समय पर पूरा करें प्रखंड में संचालित योजनाएं

bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

यह भी पढ़ें >