जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज से कथित रूप से पैसे मांगने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. अस्पताल प्रशासन ने आरोपित डॉक्टर से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है और इस संबंध में शोकॉज नोटिस जारी किया गया है. मामले में हड्डी विभाग में भर्ती माला देवी के परिजनों ने डॉक्टर पर 40 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था. हालांकि संबंधित डॉक्टर ने इन आरोपों को खारिज किया है. इधर, अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को बेहतर देखभाल के लिए विभागाध्यक्ष के यूनिट में स्थानांतरित कर दिया है. विभागाध्यक्ष डॉ मसीह आजम की निगरानी में अब उनका इलाज चल रहा है. मरीज ने पहले आयुष्मान कार्ड होने की जानकारी नहीं दी थी, जबकि शिकायत के बाद परिजनों ने कार्ड बनवाया. अधीक्षक डॉ एचपी दुबे के अनुसार अभी तक आरोपित डॉक्टर का स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ है. जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
सरकारी अस्पतालों का अधिकारियों ने किया औचक निरीक्षण
भागलपुर जिले के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने अचानक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसरों में सक्रिय दलालों और बिचौलियों पर लगाम लगाने के लिए किये गये इंतजामों की समीक्षा करना था. निरीक्षण के दौरान टीम ने मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल के ओपीडी, इमरजेंसी और विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया. यहां मरीजों को मिल रही सुविधाओं, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच की गयी. एडीएम (राजस्व) दिनेश राम और जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ दीनानाथ ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि दलालों से बचाव के लिए जागरूकता से संबंधित अधिक से अधिक सूचना बोर्ड लगाये जायें, ताकि मरीज और उनके परिजन सतर्क रह सके.
इस मौके पर अस्पताल अधीक्षक डॉ एचपी दूबे, इमरजेंसी प्रभारी डॉ सुरेश प्रसाद और हॉस्पिटल मैनेजर सुनील गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. वहीं, सदर अस्पताल में भी अधिकारियों ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिये.