bhagalpur news. मस्जिदें अब इबादत के साथ सामाजिक सुधार का भी बनेंगी केंद्र, 17 सूत्रीय एजेंडे पर बनी सहमति

भागलपुर बेटरमेंट फाउंडेशन की ओर से खलीफाबाग स्थित खानकाह पीर दमड़िया शाह में एक बैठक आयोजित की गयी.

भागलपुर बेटरमेंट फाउंडेशन की ओर से खलीफाबाग स्थित खानकाह पीर दमड़िया शाह में एक बैठक आयोजित की गयी. इस बैठक में उलेमा और इमामों ने एकजुट होकर मस्जिदों को केवल इबादत तक सीमित न रखकर उन्हें सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सुधार का केंद्र बनाने का बड़ा निर्णय लिया है. सामाजिक बदलाव के लिए 17 सूत्री एजेंडे को मंजूरी देते हुए एक विशेष कमेटी के गठन की भी घोषणा की गयी. सज्जादानशीन की अगुवाई में नयी रणनीति बैठक में खानकाह पीर दमड़िया शाह के सज्जादानशीन मौलाना सैयद शाह फखरे आलम हसन ने कहा कि समाज में व्याप्त बुराइयों को खत्म करने के लिए अब मस्जिदों के मंच का प्रभावी उपयोग किया जायेगा. इस मुहिम के तहत हर सप्ताह जिले की किसी एक मस्जिद में बैठक होगी, जहां स्थानीय मस्जिद कमेटी और इमाम तय बिंदुओं पर कार्य करेंगे. अज्ञानता और नशे के खिलाफ जंग बैठक में पारित 17 सूत्री एजेंडे में समाज के ज्वलंत मुद्दों को शामिल किया गया है. मुख्य बिंदुओं में अशिक्षा का उन्मूलन करना और स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना, युवाओं को नशे की लत से बचाना और मोबाइल के दुरुपयोग के प्रति छात्रों को जागरूक करना, बेरोजगारों को रोजगार दिलाना, स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग देना और महिलाओं को हुनरमंद बनाना, दहेज प्रथा और भीख मांगने जैसी कुप्रथाओं को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाना, आपसी नफरत और सांप्रदायिकता को खत्म कर भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द स्थापित करना शामिल किया गया. कमेटी करेगी सुधारात्मक कार्यों की निगरानी इस अभियान को व्यवस्थित रूप देने के लिए एक कमेटी बनायी गयी है, जिसमें एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, एक सचिव और 11 सदस्य शामिल होंगे. यह कमेटी विभिन्न सामाजिक और कल्याणकारी गतिविधियों को जमीनी स्तर पर अमली जामा पहनायेगी. बैठक में मुफ्ती अफ्फान, मौलाना असजद नाजरी, मौलाना मासूम रजा और डॉ हबीब मुरशिद खान जैसे बुद्धिजीवियों ने विचार रखे. विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि इस योजना को पहले शहरी क्षेत्रों में मजबूती से लागू किया जाये और फिर ग्रामीण इलाकों तक इसका विस्तार हो. उलेमाओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि समाज के हर जिम्मेदार व्यक्ति को इस मुहिम का हिस्सा बनना चाहिए, क्योंकि सुधार की शुरुआत स्वयं से और अपने परिवार से होती है. डॉ देबज्योति मुखर्जी, जाहिद हलीमी और अफजल नदवी ने भी इस पहल का समर्थन किया. मुफ्ती फसीहुर्रहमान और मुफ्ती फिरदौस हलीमी ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए सुधारात्मक कार्यों को संगठित रूप में आगे बढ़ाया जा सकता है. हाफिज रियाज ने उलेमा और इमामों की समस्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया. इस मौके पर अहमद बाशू, मुफ्ती सलमान शाह, हाफिज सैयद यहया शाह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग और उलेमा मौजूद थे.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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