bhagalpur news. मिड-डे-मील मामले में जांच कमेटी गठित, प्रधान व शिक्षकों से शोकॉज

जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय, गंगौता टोला (शाहजंगी) में बुधवार को परोसा गया मध्याह्न भोजन बच्चों को बीमार कर दिया

जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय, गंगौता टोला (शाहजंगी) में बुधवार को परोसा गया मध्याह्न भोजन बच्चों को बीमार कर दिया. दूषित भोजन खाने से विद्यालय के करीब 15-16 बच्चों की तबीयत बिगड़ गयी, जिन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस गंभीर घटना के बाद प्रशासनिक महकमा हरकत में आ गया है. जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने जहां त्रिसदस्यीय जांच टीम का गठन किया है, वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी ने एनजीओ और स्कूल के प्रधान व शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही डीईओ ने एमडीएम तैयार करने वाले स्वयंसेवी संस्थान के एकरारनामा का अवलोकन करते हुए विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश एमडीएम की डीपीओ बबीता कुमारी को दिया है. बच्चों ने सुनाई आपबीती, फिर जारी होने लगे पत्र

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और डीईओ राज कुमार शर्मा बुधवार को सदर अस्पताल पहुंचे थे. अधिकारियों ने बीमार बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना. अस्पताल में इलाजरत बच्चों ने बताया कि बुधवार को मेन्यू के अनुसार चावल और आलू-चना की सब्जी दी गयी थी. बच्चों का आरोप था कि सब्जी से दुर्गंध आ रही थी और उसका स्वाद भी खट्टा था. भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों के पेट में दर्द शुरू हो गया और वे बीमार होने लगे.

एनजीओ और शिक्षकों पर गिरी गाज

डीईओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ””””बाल विकास सेवा संस्थान”””” (एनजीओ) को नोटिस जारी किया है. पत्र में पूछा गया कि आखिर भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित क्यों नहीं की गयी ? 24 घंटे के भीतर संस्थान से जवाब मांगा गया है. वहीं, विद्यालय के शिक्षकों की संवेदनहीनता भी सामने आयी है. अस्पताल में बच्चों ने अफसरों को बताया कि जब उनकी तबीयत खराब हुई, तो प्रधानाध्यापक और शिक्षक उन्हें छोड़कर चले गये. बाद में परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया. डीईओ ने विद्यालय के प्रधान और सभी शिक्षकों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है कि उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई क्यों नहीं की जाये.

जांच के लिए बनी ””””हाई लेवल”””” कमेटी

जिलाधिकारी ने इस पूरी घटना की जांच के लिए एक त्रिसदस्यीय टीम का गठन किया है. इस टीम में जिला शिक्षा पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) व कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन) शामिल किये गये हैं. जांच दल को निर्देश दिया गया है कि वे मिड-डे-मील की गुणवत्ता और घटना के कारणों की गहनता से जांच करें और 48 घंटे के भीतर अपनी तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपें.

मॉनिटरिंग में सुधार के निर्देश

डीइओ ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन) को भी सख्त निर्देश दिया है. कहा कि एनजीओ द्वारा नया किचन शुरू करने से पहले मॉनिटरिंग की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए थी. उन्होंने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को स्कूलों का लगातार निरीक्षण करने और अभिभावकों के साथ बैठक कर भोजन की गुणवत्ता पर विचार-विमर्श करने का निर्देश दिया है.

खौफ : बच्चों और अभिभावकों ने कहा-स्कूल में ही खाना बने

बुधवार को दूषित मिड-डे-मील खाने से बच्चों के बीमार होने का खौफ गुरुवार को साफ नजर आया. गुरुवार को स्कूल में कुल उपस्थिति मात्र 14 बच्चों के करीब रही. दोपहर में जब एनजीओ के माध्यम से मिड-डे-मील की आपूर्ति की गयी, तो मौजूद बच्चों ने उसे खाने से मना कर दिया. मौके पर पहुंचे अभिभावकों ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि वे अपने बच्चों को बाहरी एजेंसी द्वारा बनाया गया खाना नहीं खिलायेंगे. जब तक स्कूल की रसोई में हमारी आंखों के सामने ताजा भोजन नहीं बनेगा, तब तक हम बच्चों को एमडीएम नहीं खाने देंगे.

विधायक पहुंचे हालचाल लेने, कहा-कार्रवाई हो

फोटो : नाथनगर विधायक नाम से सिटी में

नाथनगर विधायक मिथुन यादव गुरुवार को विद्यालय पहुंचे और शिक्षकों, बच्चों व अभिभावकों से पूछताछ की. उन्होंने कहा कि पार्टी की जरूरी मीटिंग के कारण पटना में थे. बच्चों के बीमार होने पर गहरी चिंता जतायी. कहा कि इस घटना में जो लोग दोषी हैं उसे पर सख्त कार्रवाई की जाये. गुरुवार को आया भोजन देखकर संतुष्टि जाहिर की. कहा कि पूर्व की भांति ही स्कूल में खाना बनाया जाना चाहिए. इस घटना में एनजीओ की लापरवाही है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय कुमार भारती ने कहा कि पहले स्कूल में ही भोजन बनता था, लेकिन विभाग के आदेश पर एनजीओ से लिया जाने लगा. स्कूल में 210 बच्चों का नामांकन है, बुधवार को 117 बच्चे स्कूल में उपस्थित थे. शाहजंगी पंचायत मुखिया प्रतिनिधि मो शेराज ने बताया के स्कूल में पहले खाना बनाया जाता था.

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Author: ATUL KUMAR

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