केंचुआ खाद कम लागत में बहुत प्रभावी, उत्पादन बढ़ाने में कारगर
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 26 Jul 2024 9:31 PM
वर्मी कंपोस्ट कम लागत में उत्पादन बढ़ाने में बहुत प्रभावी है. किसानों को इसके उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है. कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट में भी अंतर है.
वर्मी कंपोस्ट कम लागत में उत्पादन बढ़ाने में बहुत प्रभावी है. किसानों को इसके उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है. कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट में भी अंतर है. आये दिन रासायनिक खाद से लोगों के स्वास्थ्य व उर्वरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. उक्त बातें जेडीए सह जिला कृषि पदाधिकारी अनिल यादव ने शुक्रवार को कही. मौका था तिलकामांझी जिला कृषि कार्यालय परिसर स्थित आत्मा प्रशिक्षण भवन में वर्मी कंपोस्ट उत्पादन एवं विपणन विषयक दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ का. इससे पहले उद्घाटन अनिल कुमार यादव, आत्मा के उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह, बिहार कृषि विश्वविद्यालय डॉ अरुण कुमार झा व प्रगतिशील किसान ने संयुक्त रूप से किया. अरुण कुमार झा ने कहा कि रसायनिक खाद के लगातार प्रयोग से भूमि में पोषक तत्वों की कमी होती जा रही है. भूमि में कार्बन की मात्रा लगातार कम होने से सूक्ष्म जीव की मात्रा लगातार घटती जा रही है. वर्मी कंपोस्ट उत्पादन को स्वरोजगार सृजित करने वाला, प्रदूषण मुक्त, रासायनिक खाद की उपयोगिता को कम करने वाला, मिट्टी के स्वास्थ्य को सुधार कर उर्वरता बढ़ाने वाला, जैविक खेती की मजबूत नींव बताया. प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को सभी प्रशिक्षणार्थी किसानों का बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर भागलपुर में केंचुआ खाद का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जायेगा.
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