ग्रामीण अंचलों में भीषण गर्मी के दौरान पशुओं को पीने के पानी की समस्या न हो, इसके लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सरकार ने पूर्व में निर्मित ””कैटल ट्रफ”” (पशुओं के पानी पीने के लिए बनी नांद) को सुचारू रूप से चलाने और उनकी नियमित निगरानी के लिए सख्त निर्देश जारी किये हैं. इस अभियान की सफलता के लिए जिला पशुपालन पदाधिकारी और लोक स्वास्थ्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को संयुक्त रूप से जिम्मेदार बनाया गया है. विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि यदि किसी कैटल ट्रफ में कोई यांत्रिक या असैनिक (सिविल) खराबी आती है, तो कार्यपालक अभियंता को एक निश्चित समयसीमा के भीतर उसे ठीक करना होगा. कनीय अभियंता अपने वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से इन खराबी की मरम्मत सुनिश्चित करेंगे, ताकि पशुओं को जल संकट का सामना न करना पड़े. हर सप्ताह कनीय अभियंता और भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी मिलकर कैटल ट्रफ की स्थिति की जांच करेंगे. जिले में 27 कैटल ट्रफ बने हुए हैं. इसमें 16 ट्रफ कार्यशील है, जबकि 11 खराब है. खराब ट्रफ में नाद, मोटर, बोरिंग, सोलर पैनल आदि की खराबी हो सकती है.
bhagalpur news. चिलचिलाती धूप में बेजुबानों की फिक्र, पशुओं को पानी पीने की व्यवस्था होगी बहाल
ग्रामीण अंचलों में भीषण गर्मी के दौरान पशुओं को पीने के पानी की समस्या न हो, इसके लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
