घोषित आंदोलन के तहत 15 सदस्य पहुंचे चनपटिया

सीओ के कार्यालय से बाहर रहने के कारण उनके मोबाइल निर्देश पर अंचल के प्रधान लिपिक (बड़ा बाबू) से प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई.

चनपटिया . जोत एवं वास भूमि के पर्चाधारियों को कब्जा दिलाने तथा वास भूमि बंदोबस्ती से जुड़े लंबित आवेदनों पर कार्रवाई की मांग को लेकर लोक संघर्ष समिति के आह्वान पर सोमवार को 15 सदस्य चनपटिया अंचल कार्यालय पहुंचे. यह कार्यक्रम समिति द्वारा आठ अंचल कार्यालयों में पहुंचने के घोषित आंदोलन के तहत आयोजित किया गया. सीओ के कार्यालय से बाहर रहने के कारण उनके मोबाइल निर्देश पर अंचल के प्रधान लिपिक (बड़ा बाबू) से प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई. इस दौरान तीन भू-धारियों की अधिशेष व अधिसूचित भूमि के वितरण से संबंधित 31 जुलाई को दिए गए आवेदन की प्रति, समाहर्ता व अपर समाहर्ता को सौंपे गए अभिलेख तथा वर्ष 2017 और 2019 में सीओ द्वारा राजस्व कर्मचारी से मांगी गई जांच रिपोर्ट से संबंधित पत्रों की छायाप्रतियां सौंपी गईं. प्रधान लिपिक ने पर्चे की छायाप्रति, रसीद की छायाप्रति तथा पर्चे की पीठ पर दर्ज भूमि से बेदखल कर जोतने वाले लोगों के नाम व पते उपलब्ध कराने की बात कही, ताकि उन्हें नोटिस भेजा जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि जिनके पास रसीद नहीं है, उन्हें भी पर्चा उपलब्ध कराया जाए. समिति के सदस्यों ने बताया कि तत्कालीन सीओ के निर्देश पर 19 जनवरी 2024 को अंचल कार्यालय में 96 पर्चे पहले ही जमा किए जा चुके हैं. गौरतलब है कि तीन भू-धारियों की भूमि वितरण का मामला वर्ष 2017 से लंबित है. वर्तमान सीओ ने पहले 31 मार्च 2025 तक वितरण का आश्वासन दिया था, बाद में जिला मुख्यालय से मार्गदर्शन लेने की बात कही गई. प्रतिनिधिमंडल में अमानुल्लाह सहित मझौलिया से चार लोग, योगापट्टी से लालबाबू राम तथा बेतिया से धीरज और पंकज शामिल थे. कुल 15 सदस्यों में छह महिलाएं थीं. समिति ने शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई.

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By RANJEET THAKUR

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