श्रीनगर. स्थानीय थाना क्षेत्र के बगही बघमंबरपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर सात निमुईया कुंड गांव निवासी वकील मांझी के करीब 35 वर्षीय पुत्र रमेश मांझी की उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के मझोला क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. गुरुवार देर शाम जब उनका शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया. आक्रोशित ग्रामीणों ने बेतिया-पटजिरवा मुख्य मार्ग को जाम कर आगजनी करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया. मृतक की पत्नी मंजू देवी ने बताया कि रमेश मांझी 5 अक्टूबर 2025 को भवानीपुर निवासी ठेकेदार पहलाद यादव के साथ मजदूरी करने बाहर गए थे. 28 जनवरी को फोन पर सूचना मिली कि रमेश की मौत हो गई है और उनका शव रेलवे ट्रैक के पास पड़ा मिला है. सूचना मिलने पर मृतक के भाई राजेश मांझी और अकलु मांझी पीलीभीत पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंपा गया. परिजनों ने ठेकेदार पर हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि रमेश की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया गया. साथ ही आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए मृतक के भाई धर्मेंद्र मांझी और भतीजा अरुण मांझी को पीलीभीत में बंधक बनाकर रखा गया है. घटना की सूचना पर श्रीनगर थानाध्यक्ष अमित कुमार पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचें. एसडीपीओ रजनीशकांत प्रियदर्शी ने बताया कि मामला नैनीताल जिले में गन्ना छिलाई कार्य से जुड़ा है. परिजनों से आवेदन लेकर मामले की गहन जांच की जा रही है. पुलिस के समझाने के बाद सड़क जाम हटाकर आवागमन बहाल कराया गया.
पीलीभीत में मजदूर की मौत, शव गांव पहुंचते ही सड़क जाम व आगजनी
स्थानीय थाना क्षेत्र के बगही बघमंबरपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर सात निमुईया कुंड गांव निवासी वकील मांझी के करीब 35 वर्षीय पुत्र रमेश मांझी की उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के मझोला क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.
