मैनाटांड़. मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरैनिया गांव के पश्चिम सरेह में गेहूं के खेत में मृत पाए गए बाघ की मौत करंट लगने से होने की पुष्टि के बाद वन विभाग ने सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. जांच में सामने आया है कि खेत की रखवाली के लिए अवैध रूप से बिजली प्रवाहित तार लगाया गया था, जो पास में संचालित गन्ना क्रशर की विद्युत आपूर्ति से जुड़ा था. इसी करंट की चपेट में आने से बाघ की जान गई. मानपुर फॉरेस्टर हिमांशु कुमार ने बताया कि इस मामले में पुरैनिया निवासी विजय साह, मुकेश साह सहित अन्य लोगों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि बाघ की मौत करंट लगने से हुई. जांच के दौरान बाघ के दांत में तार का अंश भी पाया गया, जिससे यह प्रमाणित होता है कि वह विद्युत प्रवाहित तार के संपर्क में आया था. बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर देव ऋषि ने भी पुष्टि की कि खेत की घेराबंदी के लिए अवैध रूप से तार में करंट दौड़ाया गया था. यह कृत्य पूरी तरह गैरकानूनी है और इससे वन्यजीवों के साथ-साथ इंसानों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा होता है. बता दें कि बुधवार सुबह दोरहम नदी के पूर्वी तट पर स्थित गेहूं के खेत में बाघ का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी. सूचना मिलते ही डीएफओ शेखर प्रधान, फॉरेस्टर हिमांशु कुमार, बायोलॉजिस्ट पंकज ओझा सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मंगुराहा वन रेंज कार्यालय ले गई. —————– शव का कराया गया पोस्टमार्टम मामले में बाघ के शव का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में किया गया. वन विभाग ने इसके बाद मानपुर वन क्षेत्र में गश्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. कैटल गार्डों और वनकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने, बाघों के अधिवास क्षेत्रों की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जंगली जानवर मानव बस्तियों की ओर न भटकें. वन विभाग ने साफ किया है कि वन्यजीवों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
गन्ना क्रशर के बिजली से बाघ की हुई थी मौत, खेत मालिक पर भी होगी कार्रवाई
मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरैनिया गांव के पश्चिम सरेह में गेहूं के खेत में मृत पाए गए बाघ की मौत करंट लगने से होने की पुष्टि के बाद वन विभाग ने सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है.
