Begusarai Waterlogging : बेगूसराय के साहेबपुरकमाल प्रखंड में रविवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया. कई गांवों और मुख्य सड़कों पर जलजमाव हो गया, जबकि पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को उमस और अंधेरे के बीच रात बितानी पड़ी.
बारिश के बाद कई सड़कों पर भरा पानी
लगातार हुई बारिश के कारण समस्तीपुर–फूलमलिक पथ, पंचवीर बाजार, सनहा, कुरहा, साहेबपुरकमाल और आसपास के क्षेत्रों की सड़कों पर जलजमाव हो गया. इससे वाहनों और पैदल चलने वाले लोगों की आवाजाही प्रभावित रही. सोमवार सुबह तक भी कई स्थानों पर पानी जमा रहा.
रातभर गुल रही बिजली, लोगों में नाराजगी
मूसलाधार बारिश के दौरान पूरी रात बिजली आपूर्ति ठप रही. सोमवार सुबह तक भी बिजली बहाल नहीं हो सकी. बिजली नहीं रहने से लोगों को उमस भरी गर्मी और अंधेरे के बीच रात गुजारनी पड़ी. इससे बिजली विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी देखी गई.
कुरहा बाजार में सबसे अधिक परेशानी
कुरहा बाजार स्थित बूच्चर खाना चौक के पास सड़क पर जलजमाव की स्थिति सबसे गंभीर रही. सड़क पर गंदा पानी भर जाने से लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया. स्थानीय लोगों के अनुसार इस समस्या से करीब 15 से 20 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है.
छात्रों, मरीजों और श्रद्धालुओं को हो रही दिक्कत
जलजमाव के कारण मरीजों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, श्रद्धालुओं और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को गंदे और बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. कुरहा बाजार से शिव मंदिर, गायत्री मंदिर, मध्य विद्यालय, सेंट पॉल पब्लिक स्कूल सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने के लिए लोगों के पास कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है.
जल निकासी बाधित होने से हर बारिश में बनती है समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि पहले बारिश का पानी रेलवे के खाली गड्ढे में निकल जाता था, लेकिन रेलवे की जमीन पर कथित अतिक्रमण और मिट्टी भरकर झोपड़ियां बनाए जाने से जल निकासी का रास्ता बंद हो गया है. इसके कारण पिछले तीन वर्षों से हर बारिश में कुरहा बाजार की सड़क पर जलजमाव की समस्या बनी रहती है.
संक्रमण का खतरा बढ़ने से ग्रामीण चिंतित
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बूच्चर खाना के पास पानी जमा होने से वहां का कचरा और गंदगी भी सड़क पर फैल जाती है. इससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या के बावजूद जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
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