Begusarai News : बिहार लोकल बॉडीज कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर चल रही राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर बेगूसराय नगर निगम में तीसरे दिन भी देखने को मिला. सफाईकर्मियों ने शनिवार को भी सफाई कार्य पूरी तरह ठप रखा और नगर निगम कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी रखा. हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है.
पार्षदों और कर्मचारी संगठनों ने दिया समर्थन
नगर निगम कार्यालय स्थित धरनास्थल पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कर्मचारी संगठनों ने हड़ताली कर्मियों का समर्थन किया. वार्ड संख्या 40 के पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार, वार्ड संख्या 24 के पार्षद सह पूर्व डिप्टी मेयर राजीव रंजन, वार्ड संख्या 35 की पार्षद संगुप्ता ताजवर, वार्ड संख्या 21 की पार्षद पूजा देवी तथा वार्ड संख्या 26 की पार्षद पूनम देवी धरना स्थल पर पहुंचे. वहीं अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिलामंत्री मोहन मुरारी ने भी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उनके आंदोलन का समर्थन किया.
शहर में बढ़ने लगी गंदगी, कचरा उठाव ठप
हड़ताल के कारण नगर निगम के सभी कार्यालयी कार्यों के साथ-साथ सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हो गई है. शहर के विभिन्न इलाकों से कूड़ा-कचरा उठना बंद हो गया है. बाजारों, सड़कों और प्रमुख चौराहों पर गंदगी फैलने लगी है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
कर्मचारियों ने दोहराईं अपनी प्रमुख मांगें
धरना पर बैठे कर्मचारियों ने वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी सफाईकर्मियों, संविदा और अस्थायी कर्मचारियों की सेवा नियमित करने की मांग दोहराई. इसके अलावा ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर संबंधित कर्मियों को नगर निकाय कर्मचारी का दर्जा देने, बढ़ती महंगाई के अनुरूप सम्मानजनक वेतन एवं मानदेय का भुगतान करने, एसीपी/एमएसीपी योजना का पूर्ण लाभ देने तथा सातवें वेतनमान का बकाया सरकार द्वारा निर्धारित तिथि से भुगतान करने की मांग की गई.
ठेका मजदूरों से सफाई कराने की कोशिश, आंदोलन जारी
धरना का नेतृत्व संघ के अध्यक्ष गिरीश कुमार सिंह और महामंत्री दिलीप मल्लिक कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन कुछ आवश्यक स्थानों पर ठेका मजदूरों के माध्यम से सफाई कराने का प्रयास कर रहा है, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल रही है. उन्होंने कहा कि उनकी मांगें वर्षों से बिहार सरकार और नगर विकास एवं आवास विभाग के समक्ष लंबित हैं. कर्मचारी अपने परिवार के भरण-पोषण और कानूनी अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों से आंदोलन के समर्थन में सकारात्मक सहयोग की अपील की.
