मनरेगा में काम नहीं मिलने पर मजदूरों ने जाम की सड़क, कहा- लॉकडाउन के कारण भुखमरी के कगार पर पहुंचे

बेगूसराय के बखरी में लॉकडाउन के बाद अन्य राज्यों से बिहार आये प्रवासी व ग्रामीण मजदूरों ने मनरेगा कार्य योजना में काम करा हाजिरी नहीं बनाने व काम से भगाने को लेकर बखरी-खगड़िया मुख्य पथ के जोकियाही पुल के समीप करीब ढाई घंटे तक जाम कर प्रदर्शन करते हुए बवाल किया.

By Prabhat Khabar | June 14, 2020 11:08 AM

बेगूसराय के बखरी में लॉकडाउन के बाद अन्य राज्यों से बिहार आये प्रवासी व ग्रामीण मजदूरों ने मनरेगा कार्य योजना में काम करा हाजिरी नहीं बनाने व काम से भगाने को लेकर बखरी-खगड़िया मुख्य पथ के जोकियाही पुल के समीप करीब ढाई घंटे तक जाम कर प्रदर्शन करते हुए बवाल किया. सड़क जाम प्रखंड के बागवन पंचायत के मजदूरों के द्वारा किया गया. जिसमें बागवन पंचायत के मुखिया, उनके मुंशी, वार्ड सदस्य तथा मनरेगा कर्मी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीते गुरुवार को पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत पोखर उड़ाही का कार्य किया जा रहा था. लेकिन अगले दिन यानी शुक्रवार को दो से तीन घंटे काम करवा बिना हाजिरी बनाये व उन्हें भगा दिया गया.

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लॉकडाउन ने भुखमरी के कगार पर लाया

वहीं घटना के दिन जब मजदूर काम के लिए गये तो उन लोगों ने खुदाई के लिए नहीं आने की बात कही है. जिससे मजदूर उग्र हो गये और जोकियाही पुल के समीप जाम कर दिया. जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी. जिसके कारण राहगीरों,यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा है. प्रवासी व स्थानीय मजदूर तेतरी देवी, मीरा देवी, सुनीता देवी, दुखिया देवी, तारा देवी, रेखा देवी, विमला देवी, अनरसा देवी, केसो देवी, सुंदर देवी,रतन रजक, दुखन राय आदि का कहना है कि बीते तीन माह के लॉकडाउन से वे भुखमरी के कगार पर आ गये हैं. अगर उन्हें काम नहीं करने दिया जायेगा तो फिर उनके घर का चूल्हा कैसे जलेगा और परिवार का भरण पोषण कैसे होगा.

अन्य राज्यों में मालिकों ने काम से निकाला

वहीं प्रवासी मजदूरों का कहना है कि अन्य राज्यों में लॉकडाउन के बाद उनके मालिकों ने काम से निकाल दिया. जैसे-तैसे वे बिहार आये अब अगर यहां भी काम नहीं मिलेगा तो क्या करेंगे. इधर प्रखंड उपप्रमुख अमित देव ने कहा कि स्थानीय स्तर के पदाधिकारी मनरेगा को अब लूट की योजना बना रखी है. मजदूरों को काम देने के बजाय अन्य योजनाओं से कैसे लूट-खसोट किया जाये, इसमें लगे रहते हैं. कई बार इन बातों को लेकर वे स्थानीय पदाधिकारी से मिल कर बात की पर कोई फायदा नहीं हुआ. जिसके कारण मजदूरों को सड़क जाम कर प्रदर्शन को मजबूर होना पड़ा . इस बाबत बीडीओ अमित पांडेय ने कहा कि मनरेगा में काम करने के लिए मजदूरों को पहले एक आवेदन देना होगा. तत्पश्चात उन्हें चिह्नित योजना कार्यस्थल पर सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए काम दिया जायेगा. सड़क जाम कर रहे मजदूरों को फिलहाल हाजिरी बनाने का आश्वासन दिया गया इसके बाद मजदूरों ने सड़क को जाम को मुक्त कर दिया . मौके पर सीओ कृष्णमोहन, एसआइ रवींद्र पॉल, पूर्व पंसस योगेंद्र राय, राजुकमार राय, शंकर कुमार महतो, गुलशन कुमार समेत अन्य लोग सड़क जाम समाप्त कराने में लगे हुए थे.

Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya

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