राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत सात दिवसीय विशेष शिविर की हुई शुरुआत

जी.डी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर की शुरुआत 10 दिसंबर मंगलवार से हुआ.

बेगूसराय. जी.डी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर की शुरुआत 10 दिसंबर मंगलवार से हुआ. शिविर का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भूपेंद्र नारायण,राष्ट्रीय सेवा योजना यूनिट एक के अधिकारी डॉ. सहर अफ़रोज़,यूनिट दो के कार्यक्रम पदाधिकारी दिनेश कुमार,संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष सह बर्सर डॉ. शशिकांत पांडे, अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अंजनी कुमार व राजनीति विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. योगेंद्र सहनी ने संयुक्त रूप से किया. इसके पश्चात स्वयंसेवकों द्वारा एनएसएस गीत प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन स्वयंसेवक सुमित कुमार ने किया वहीं धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ सहर अफ़रोज़ ने किया. उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. भूपेंद्र नारायण ने राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य “मैं नहीं, तुम” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को समाज से जोड़ने का सशक्त माध्यम है. यह शिविर विद्यार्थियों में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करता है. यूनिट एक की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सहर अफ़रोज़ ने बताया कि सात दिवसीय शिविर के दौरान विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. इनमें स्वच्छता अभियान,मेडिकल कैम्प, स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता, नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, साइबर अपराध से बचाव, मतदान जागरूकता,श्रमदान तथा व्यक्तित्व विकास से जुड़े सत्र शामिल हैं. यूनिट दो के कार्यक्रम पदाधिकारी दिनेश कुमार ने स्वयंसेवकों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर आगामी गतिविधियों की रूपरेखा समझाई गई. सात दिवसीय इस विशेष शिविर से समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अंजनी ने एन. एस. अस के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि एनएसएस छात्रों के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और समाज सेवा की भावना को मजबूत करता है. इससे छात्र न केवल अच्छे विद्यार्थी बनते हैं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक भी बनते हैं. एनएसएस युवाओं को समाज से जोड़कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करता है. संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष सह बर्सर डॉ. शशिकांत पांडे ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के शिविर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं. शिविर के माध्यम से छात्र न केवल समाज की वास्तविक समस्याओं को समझते हैं, बल्कि उनके समाधान में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं. उन्होंने स्वयंसेवकों से अनुशासन का पालन करते हुए पूरे उत्साह और समर्पण के साथ शिविर में भाग लेने का आह्वान किया. मौके पर स्वयंसेवक राजन कुमार,सुमित कुमार,विक्रम राठौड़, प्रिंस केशरी,उज्ज्वल,मनीषा कुमारी,कोमल,फलक,याशमीन,सफक इरशाद,शुभ्रा लक्ष्मी,अभिनव,सचिन,गुलशन,नवीन,मिथलेश, विवेक सहित अन्य स्वयंसेवक मौजूद थे.

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By Manish kumar

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