LNMU कुलपति पर आउटसोर्सिंग बहाली में करोड़ों की उगाही का आरोप, बेगूसराय में छात्र संगठनों ने खोला मोर्चा

LNMU Recruitment Controversy : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी पर बहाली प्रक्रिया में अनियमितता और उगाही के आरोप लगाते हुए बेगूसराय के छात्र संगठनों ने 22 जून से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है. छात्रों ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से हुई नियुक्तियों को रद्द कर निष्पक्ष जांच की मांग की है.

LNMU Recruitment Controversy : (विकाश मिश्रा की रिपोर्ट) ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू) के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी पर बहाली प्रक्रिया में कथित अनियमितता और करोड़ों रुपये की उगाही के आरोप लगाते हुए बेगूसराय के विभिन्न छात्र संगठनों ने आंदोलन का ऐलान किया है. छात्र नेताओं ने 22 जून से एसबीएसएस कॉलेज परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी है.

आउटसोर्सिंग बहाली पर उठाए सवाल

छात्र संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय ने आउटसोर्सिंग एजेंसी सम्राट सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड, पटना के माध्यम से जीडी कॉलेज, एसबीएसएस कॉलेज और आरसीएस कॉलेज सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों में मानव बल की बहाली की है. आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कथित रूप से पैसे लेकर नियुक्तियां की गईं.

प्राचार्य को सौंपा गया ज्ञापन

इस संबंध में छात्र संगठनों ने एसबीएसएस कॉलेज के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर बहाली प्रक्रिया की जांच कराने और की गई नियुक्तियों को रद्द करने की मांग की है. छात्र नेताओं का कहना है कि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

पुराने कर्मियों की अनदेखी का आरोप

आइसा के जिला अध्यक्ष सोनू फरनाज और ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के जिला उपाध्यक्ष बसंत कुमार ने आरोप लगाया कि वर्षों से कम मानदेय पर कार्य कर रहे कर्मियों की उपेक्षा कर नई नियुक्तियां की गई हैं. उन्होंने दावा किया कि बहाली में कथित आर्थिक लेन-देन को प्राथमिकता दी गई और कुछ विशेष लोगों को लाभ पहुंचाया गया.

आरक्षण नियमों की अनदेखी का भी आरोप

जनशक्ति जनता दल के जिला अध्यक्ष रामकृष्ण पटेल ने कहा कि बहाली प्रक्रिया में आरक्षण नियमों और निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विशेष व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियुक्तियां की गई हैं, जिससे युवाओं और छात्रों में नाराजगी है.

राज्यपाल से भी की गई शिकायत

छात्र संगठनों ने बताया कि पूरे मामले की शिकायत बिहार के राज्यपाल एवं कुलाधिपति को भी भेजी गई है. उन्होंने कुलपति और संबंधित एजेंसी के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच कराने तथा बहाली प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है.

22 जून से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो 22 जून से एसबीएसएस कॉलेज परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा. मौके पर संगम कुमार, दीपचंद कुमार, नीतीश कुमार, सन्नी कुमार, कुंदन कुमार सहित कई छात्र एवं युवा नेता उपस्थित थे.

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लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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