Begusarai News : आईआईटी दिल्ली में एमएससी फिजिक्स द्वितीय वर्ष में पढ़ रहे बखरी निवासी 31 वर्षीय छात्र ऋषिकेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. छात्र की मौत को लेकर परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शव सोमवार को पैतृक गांव बखरी पहुंचने के बाद परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों ने दिल्ली पुलिस को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कराने की मांग की है.
हॉस्टल आवंटित नहीं होने को लेकर अपमानित करने का आरोप
मृतक की मां आशा पोद्दार ने आरोप लगाया कि उनके पुत्र को हॉस्टल आवंटित नहीं किया गया था. इसको लेकर उसे कथित तौर पर अपमानित किया गया, जिससे वह काफी परेशान था. परिजनों का आरोप है कि इसी मानसिक परेशानी के बाद ऋषिकेश ने यह कदम उठाया. हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा.
लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से गिरा था छात्र
परिजनों के अनुसार, बीते शनिवार को ऋषिकेश आईआईटी दिल्ली कैंपस स्थित लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से नीचे गिर गया था. गंभीर रूप से घायल छात्र को तत्काल कैंपस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया.
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शव पहुंचते ही परिवार में मचा कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को ऋषिकेश का शव एंबुलेंस से बखरी स्थित पैतृक घर लाया गया. शव पहुंचते ही मां और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित उनके घर पहुंचे. बाद में गमगीन माहौल में सिमरिया घाट पर ऋषिकेश का अंतिम संस्कार किया गया.
सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस जांच में जुटी
परिजनों ने बताया कि पुलिस को ऋषिकेश के शरीर पर गिरने से लगी चोटों के अलावा कोई अन्य संदिग्ध निशान नहीं मिला है. घटनास्थल से किसी प्रकार का सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है. ऐसे में परिजनों ने पुलिस से घटना की सभी परिस्थितियों की गहराई से जांच कर वास्तविक कारण सामने लाने की मांग की है.
पिता की मौत के बाद भी जारी रखी थी पढ़ाई
ऋषिकेश बखरी के मक्खाचक निवासी वीरेंद्र पोद्दार के पुत्र थे. परिजनों के अनुसार, उनके पिता का करीब तीन वर्ष पहले निधन हो गया था. वे पीएचईडी विभाग, पटना में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. पिता के निधन के बाद भी ऋषिकेश ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और मेहनत एवं लगन के बल पर आईआईटी दिल्ली तक का सफर तय किया.
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निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े परिजन
ऋषिकेश की मौत से मां, बड़े भाई समेत पूरा परिवार गहरे सदमे में है. परिजनों का कहना है कि वह पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर और मेहनती था. परिवार अब यह जानना चाहता है कि उसकी मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और किन परिस्थितियों में उसने इतना बड़ा कदम उठाया. मां आशा पोद्दार ने दिल्ली पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी तथ्यों को सामने लाने की मांग की है.
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