स्कूल की जगह कोचिंग पढ़ाने का आरोप, ई-शिक्षा पोर्टल पर हाजिरी दर्ज कर निजी संस्थान जाने वाले शिक्षक पर कार्रवाई के निर्देश

Begusarai News : बेगूसराय में एक शिक्षक पर सरकारी विद्यालय में तैनाती के बावजूद निजी कोचिंग चलाने का गंभीर आरोप लगा है. ई-शिक्षा पोर्टल पर हाजिरी दर्ज कराने के बाद कोचिंग संस्थान पहुंचने के मामले में डीईओ ने कार्रवाई का आदेश दिया है.

Begusarai News : जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति और विद्यालय अवधि में निजी कोचिंग संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. मंसूरचक प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, छबीलपुर के एक शिक्षक पर विद्यालय में पढ़ाने के बजाय निजी कोचिंग संचालित करने का आरोप लगा है. मामले की जांच के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने संबंधित शिक्षक और प्रधानाध्यापक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है.

ई-शिक्षा पोर्टल पर हाजिरी, फिर कोचिंग जाने का आरोप

सूत्रों के अनुसार विद्यालय के शिक्षक सुशील कुमार प्रतिदिन सुबह विद्यालय खुलने से पहले ई-शिक्षा पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कर लेते थे. आरोप है कि उपस्थिति दर्ज कराने के बाद वे विद्यालय में नहीं रुकते थे, बल्कि दलसिंहसराय स्थित अपने निजी कोचिंग संस्थान केमिस्ट्री क्लासेस में पढ़ाने चले जाते थे. यह भी आरोप है कि लंच के समय वे दोबारा विद्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते थे, जिससे विद्यालय में मौजूद रहने का रिकॉर्ड बन सके.

प्रधानाध्यापक की भूमिका पर भी उठे सवाल

मामले में यह आरोप भी लगाया गया है कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार की सहमति से यह व्यवस्था चल रही थी. हालांकि इस संबंध में उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

जांच की सूचना मिलते ही कोचिंग से निकले शिक्षक

बताया जाता है कि जब विभागीय अधिकारियों ने निजी कोचिंग संस्थान की जांच शुरू की, तब विद्यालय की एक शिक्षिका ने फोन कर संबंधित शिक्षक को इसकी सूचना दे दी. सूचना मिलने के बाद शिक्षक ने कोचिंग की कक्षा बीच में ही समाप्त कर दी और बाइक से विद्यालय के लिए रवाना हो गए. कोचिंग में मौजूद छात्रों ने भी बताया कि शिक्षक को विद्यालय से फोन आया था, जिसके बाद वे निर्धारित समय से पहले ही वहां से चले गए.

डीईओ ने दिए विभागीय कार्रवाई के निर्देश

मामले को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर शिक्षक सुशील कुमार और प्रधानाध्यापक संजय कुमार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. साथ ही एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है. डीईओ ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी शिक्षक विद्यालय समय के दौरान निजी कोचिंग या शिक्षण संस्थान संचालित करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल निलंबन सहित कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

यह जिले में इस तरह का पहला मामला नहीं है. इससे पहले 22 नवंबर 2024 को उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, लड़ुआरा के शिक्षक लाल बाबू कुमार पर भी विद्यालय अवधि में निजी कोचिंग चलाने का आरोप लगा था. उस समय घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था, लेकिन स्थानीय स्तर पर आरोप लगा कि मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इसी तरह शहर के हेमरा क्षेत्र में भी एक रसायन विज्ञान शिक्षक पर विद्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने के साथ निजी कोचिंग संचालित करने के आरोप लग चुके हैं.

डबल शिफ्ट संचालन पर भी उठे सवाल

सूत्रों का दावा है कि जिले के कुछ विद्यालयों में डबल शिफ्ट संचालन को लेकर भी अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं. आरोप है कि बिना वास्तविक स्थल निरीक्षण और छात्र उपस्थिति का सत्यापन किए ही डबल शिफ्ट की अनुमति दी जाती है. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. इस पूरे प्रकरण के बाद अब सभी की नजर शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी है. देखना होगा कि जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षक और प्रधानाध्यापक के विरुद्ध क्या कदम उठाए जाते हैं.

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Author: Vikash Kumar

Published by: Yuvraj Ratan

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