90 भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों ने बढ़ाई चिंता, बच्चों की पढ़ाई और सुविधाएं प्रभावित, किराये के कमरों में चल रहे केंद्र

Begusarai News : बेगूसराय के गढ़पुरा प्रखंड में 117 आंगनबाड़ी केंद्रों में से केवल 27 के पास अपना भवन है, जबकि 90 केंद्र किराये और सरकारी भवनों में चल रहे हैं. भवन और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. विभाग ने भूमि उपलब्ध होने पर नए भवन निर्माण की बात कही है.

बेगूसराय से विकाश मिश्रा की रिपोर्ट
Begusarai News : बेगूसराय जिले के गढ़़पुरा प्रखंड की नौ पंचायतों में संचालित 117 आंगनबाड़ी केंद्रों में से सिर्फ 27 के पास अपना भवन है. बाकी 90 केंद्र सरकारी स्कूल, सामुदायिक भवन और किराये के कमरों में संचालित हो रहे हैं. इनमें 7 केंद्र सरकारी स्कूलों, 6 सामुदायिक व अन्य सरकारी भवनों तथा 77 केंद्र किराये के एक कमरे में चल रहे हैं. भवन और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यहां पढ़ने आने वाले नन्हें बच्चों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं हो रहा सरकारी संसाधनों का उपयोग

भवनविहीन केंद्रों में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई खेल सामग्री, दर्री, बागवानी सामग्री और आरओ जैसी सुविधाओं का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है. विभिन्न सरकारी भवनों में चल रहे अधिकांश केंद्रों की स्थिति बेहद खराब है. गर्मी, बरसात और ठंड के मौसम में बच्चों को बैठाकर पढ़ाना सेविका-सहायिकाओं के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. कई किराएं वाले केन्द्र पर पानी, बिजली और समुचित फर्श तक की सुविधा नहीं है. वहीं, सात केंद्र वर्षों से सरकारी विद्यालय में चल रहा है, जहां बच्चों के लिए पर्याप्त संसाधनों का अभाव बना हुआ है.

उच्च स्तर पर पहल नहीं होने से आंगनबाड़ी भवन निर्माण अटका

वहीं, इस संबंध में सीडीपीओ अनूप जयसवाल ने बताया की भवन निर्माण की भूमी के लिए संबंधित पंचायतों के मुखिया से बात किया गया और कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक उच्च स्तर की पहल नहीं हुई है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिन केंद्रों के पास अपना भवन है, वहां बच्चों के मनोरंजन और पढ़ाई के लिए एलईडी, शुद्ध पेयजल के लिए आरओ,खेल सामग्री और बागवानी के उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं.

सुविधाएं मिलने के बावजूद उपयोग नहीं, बिजली और सुरक्षा बनी बड़ी बाधा

हालांकि बिजली और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण सेविकाएं इन संसाधनों का उपयोग करने से डरती हैं. उन्हें आशंका है कि सामान चोरी हो सकता है. जिन केंद्रों को सुविधाएं मिली हैं, वहां बच्चों के उपयोग के लिए निर्देश जारी किए गए हैं. फिलहाल 4 भवन निर्माणधीन हैं और शेष के आंगनबाड़ी केन्द्र निर्माण के लिए भूमि की खोज जारी है.

Also Read : डुमरिया के छकरबंधा गांव में जर्जर बिजली व्यवस्था ने ली एक और जान, 40 वर्षीय संतोष पासवान की मौत

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vikash Kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >