Begusarai News: साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के बखड्डा स्थित एनएच-31 पर हुए भीषण सड़क हादसे में मधेपुरा जिले के तीन थानाध्यक्षों और उनके चालक की मौत के बाद भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर नहीं आ रहा है. हादसे के कई दिन बीत जाने के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क किनारे बड़े वाहनों के खड़े होने का सिलसिला जारी है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है.
सड़क किनारे खड़े हो रहे ट्रक
स्थानीय लोगों के अनुसार बलिया से साहेबपुर कमाल तक एनएच-31 के किनारे शाम ढलते ही बड़ी संख्या में ट्रक और अन्य भारी वाहन खड़े कर दिए जाते हैं. जबकि कई स्थानों पर ट्रक पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध है. इसके बावजूद चालक पेट्रोल पंपों और लाइन होटलों के समीप वाहन खड़ा कर आराम करना अधिक सुविधाजनक समझते हैं.
छोटे वाहनों के लिए बढ़ रहा खतरा
सड़क किनारे खड़े ट्रकों के कारण रात के समय छोटे और चार पहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार तेज रफ्तार वाहन खड़े ट्रकों से टकरा जाते हैं, जिससे गंभीर हादसे हो जाते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित गश्ती के बावजूद इस समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है.
हादसे में गई थी चार लोगों की जान
गौरतलब है कि गुरुवार देर रात मधेपुरा जिले के अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, बेकरी थानाध्यक्ष नीरज कुमार, रतवारा थानाध्यक्ष साजन पासवान और चालक ज्योतिष कुमार पटना से सीआईडी प्रशिक्षण लेकर कार से लौट रहे थे. साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के बखड्डा स्थित एक पेट्रोल पंप के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से पीछे से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार ट्रक के नीचे घुस गई और चारों की मौके पर ही मौत हो गई.
कार्रवाई की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दर्दनाक हादसे से सबक लेने की जरूरत है. यदि सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में भी ऐसे हादसे दोहराए जा सकते हैं. लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से विशेष अभियान चलाकर एनएच-31 पर सड़क किनारे वाहनों की अवैध पार्किंग पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके.
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