Begusarai News: बेगूसराय जिले के बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर से पुलिस द्वारा अपराधकर्मी मोनू सिंह व सोनू सिंह की गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ते जा रहा है. शनिवार को दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी के दौरान का वायरल वीडियो की जांच करने रविवार को बरियारपुर गांव पहुंचे डीआईजी ने सोनू-मोनू गिरफ्तारी मामले की खुद जांच की. मामले की गंभीरता को देखते हुए बेगूसराय-खगड़िया रेंज के डीआइजी शैलेश कुमार सिन्हा ने सीधे सोनू-मोनू के घर जाकर उनके परिजनों तथा स्थानीय ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की बिंदुवार जानकारी ली.
गांव में मची अफरा तफरी
इस दौरान डीआइजी के अचानक गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एक जगह एकत्र हो गए, जिससे कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया. डीआइजी ने ग्रामीणों और परिजनों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी बातों को अत्यंत गंभीरता से सुना. साथ ही मामले से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की जानकारी हासिल की. इस दौरान डीआइजी के द्वारा मौके पर मौजूद डीएसपी सुबोध कुमार सहित बलिया थानाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार से भी वायरल वीडियो के तकनीकी साक्ष्यों के संबंध में आवश्यक जानकारी हासिल की.
परिजनों ने बताई अपनी बात
सोनू-मोनू के परिजनों ने डीआईजी को बताया कि कुछ दिनों पहले बच्चों के बीच हुए एक मामूली विवाद के बाद दूसरे पक्ष द्वारा सोची-समझी साजिश के तहत बलिया थाना में मामला दर्ज कराया गया था. इसके बाद शनिवार को बलिया थाना पुलिस ने भारी दलबल के साथ गांव पहुंचकर सोनू और मोनू को गिरफ्तार कर लिया. ग्रामीणों ने डीआइजी से पुरजोर मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, साथ ही जो भी पुलिसकर्मी या व्यक्ति इसमें दोषी हो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
दोषी के खिलाफ होगी कार्रवाई
इस पर डीआइजी शैलेश कुमार सिन्हा ने परिजनों सहित ग्रामीणों को पूरा भरोसा दिलाया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ कतई अन्याय नहीं होगा और पुलिस की यह आंतरिक जांच पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधि-सम्मत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. डीआइजी के गांव पहुंचकर स्वयं लोगों से बातचीत करने के बाद इस पूरे मामले ने अब एक नया प्रशासनिक मोड़ ले लिया है.
सीआइडी की टीम भी पहुंची
इधर इस संवेदनशील मामले की जांच के लिए बरियारपुर गांव में सीआइडी (CID) की एक विशेष टीम भी पहुंची. जिसके द्वारा भी पूरे मामले की स्वतंत्र जांच के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों से गहन पूछताछ की गई. बताते चलें कि विगत 30 जून को बच्चों के बीच हुई मामूली झगड़े में हुई फायरिंग को लेकर दूसरे पक्ष के द्वारा स्थानीय थाना में कांड संख्या 343/26 दर्ज कराते हुए सोनू और मोनू को नामजद आरोपी बनाया गया था. इसी दर्ज मामले को लेकर शनिवार को पुलिस टीम गुप्त सूचना के आधार पर दोनों को गिरफ्तार करने बरियारपुर गांव पहुंची थी.
वीडियो वायरल होने पर विवाद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर हथियार मोनू सिंह के कमर में खोसने (प्लांट करने) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद से ही यह पूरा मामला विवादों में घिर गया है. पुलिस के द्वारा समाचार प्रेषण तक दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल नहीं भेजा गया है और उन्हें पुलिस अभिरक्षा में ही रखा गया है. इस संबंध में डीएसपी सुबोध कुमार ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि डीआइजी शैलेश कुमार सिन्हा वायरल वीडियो की सत्यता की जांच को लेकर बरियारपुर गए थे, जहां उन्होंने साक्ष्य संकलित किए हैं.
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