Begusarai flood: गंगा के जलस्तर में एक बार फिर वृद्धि होने से बेगूसराय जिले में बाढ़ का संकट गहराने लगा है. जिले के आठ प्रखंडों की 37 पंचायतों और दो नगर क्षेत्रों के 189 गांव बाढ़ की चपेट में हैं. बछवाड़ा, तेघड़ा, बरौनी, मटिहानी, बलिया, साहेबपुर कमाल और शाम्हो प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का असर बढ़ गया है. मंगलवार को गंगा के जलस्तर में 35 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी. मटिहानी प्रखंड के छितरौर और सिहमा बबूरबन्ना टोला के लोग पानी से घिरे हुए हैं. वहीं, बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र में भी बाढ़ का आंशिक प्रभाव पड़ रहा है.
बलिया दियारा और शाम्हो में सड़कों पर बह रहा पानी
बलिया दियारा और शाम्हो क्षेत्र में सड़कों पर पानी बह रहा है. हालांकि, अभी इन इलाकों में नाव चलाने की स्थिति नहीं बनी है और लोग किसी तरह आवागमन कर रहे हैं. बलिया प्रखंड के चेचियाही ढाब में भी सड़क पर पानी जमा है. दियारा क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में घर पानी से घिरे हुए हैं, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पंचायत स्तर पर कर्मियों को किया गया अलर्ट
जिला प्रशासन के अनुसार, बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पंचायत स्तर पर संबंधित कर्मियों को सक्रिय एवं सतर्क रखा गया है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण और अनुश्रवण किया जा रहा है. प्रशासन जलस्तर में वृद्धि की स्थिति पर नजर रखते हुए प्रभावित लोगों को समय पर राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी में जुटा है.
267 नाव और 7 मोटरबोट की व्यवस्था
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिले में 267 नावों के परिचालन की व्यवस्था की गयी है. इनमें 21 सरकारी नाव, निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा के तहत 239 नाव और सात मोटरबोट शामिल हैं. इसके अलावा 228 सामुदायिक रसोई केंद्र और 80 राहत शिविर केंद्र चिन्हित किये गये हैं.
62 मोबाइल मेडिकल टीम रहेंगी सक्रिय
आपात स्थिति के लिए 26 स्थानों पर ड्राई राशन पैकेट तैयार करने की व्यवस्था और हवाई सहायता के लिए 18 हेलीपैड स्थल चिन्हित किये गये हैं. प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए 41,880 पॉलिथीन शीट उपलब्ध हैं. स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत 62 मोबाइल मेडिकल टीम, 19 अस्थायी मेडिकल कैंप और 29 स्थायी मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गयी है. 122 प्रकार की जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गयी है.
पशुओं के लिए 52 कैंप और 2500 क्विंटल चारा
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की देखभाल के लिए 52 पशु कैंप चिन्हित किये गये हैं. पशुओं के उपचार के लिए 44 प्रकार की दवाओं की व्यवस्था की गयी है. साथ ही 2,500 क्विंटल पशुचारा भी भंडारित किया गया है. जिला प्रशासन के अनुसार गंगा के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
