Begusarai Bank Strike : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर 11 सितंबर को बेगूसराय समेत पूरे देश में राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर चले गए. भारतीय स्टेट बैंक की बेगूसराय मुख्य शाखा के बाहर विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार, वित्त मंत्री और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के खिलाफ नारेबाजी की.
बैंकिंग सेवाएं ठप
हड़ताल के कारण जिले भर में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं. जिससे आम जनता को नकदी निकालने, चेक क्लियरेंस और अन्य वित्तीय लेनदेन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. प्रदर्शन कर रहे बैंक कर्मियों ने अपनी मुख्य मांगों पर सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की.
पीएलआई में भेदभाव का आरोप
कर्मचारियों ने कहा कि दुनिया के अधिकांश देशों और भारत में कई सरकारी व निजी कार्यालयों में 5-डे वर्किंग लागू है. पीएलआई योजना के तहत स्केल-4 और उससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारियों को 365 दिनों तक का इंसेंटिव दिया जा रहा है, जबकि स्केल-1 से 3 के अधिकारियों, क्लर्क और सब-स्टाफ को महज 15 दिनों का लाभ दिया गया.
अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी
यूनियन बैंक के प्रतिनिधि अजय कुमार व क्षेत्रीय सचिव मनोज कुमार ने कहा कि मांगें न मानने पर 28, 29 और 30 सितंबर को 3 दिवसीय हड़ताल होगी और 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी दी गई.
खोदावंदपुर में बैंकों में लटके ताले
खोदावंदपुर प्रतिनिधि के अनुसार सप्ताह में पांच दिन काम करने की मांग को लेकर व्यावसायिक बैंकों के कर्मियों ने शुक्रवार को हड़ताल की.
बैंक ऑफ बड़ौदा (बाड़ा), एसबीआई (चलकी), यूको बैंक (खोदावंदपुर व सागी), बिहार ग्रामीण बैंक और सहकारिता बैंक में पूरे दिन ताला लटका रहा, जिससे दूर-दराज से आए ग्राहकों को निराश होकर लौटना पड़ा.
