Surajbhan Singh News : जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) ब्रजेश कुमार सिंह की माननीय अदालत ने बरौनी थाना कांड संख्या 449/1991 की नियमित सुनवाई करते हुए बाहुबली पूर्व सांसद सूरजभान सिंह, ललन सिंह और रामलखन सिंह को बेनिफिट ऑफ डाउट देते हुए बरी कर दिया है. अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक (एपीपी) रामप्रकाश यादव ने कुल 8 गवाहों की गवाही कराई थी. वहीं, बचाव पक्ष (आरोपितों) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मंसूर आलम ने सफलतापूर्वक पैरवी की.
क्या है पूरा मामला
इस चर्चित मामले के घटनाक्रम के अनुसार, सभी आरोपितों पर यह आरोप था कि बरौनी थाना अंतर्गत बीहट गांव में 2 नवंबर 1991 को रामलखन सिंह के गोहाल (मवेशी घर) में एक अत्यंत शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ था. इस भीषण विस्फोट की चपेट में आने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गया था तथा गोहाल की खपरै छत पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया था.
इस पुराने मामले में माननीय न्यायालय ने सभी आरोपितों के विरुद्ध भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 307/34 (जानलेवा हमला), 324/34, 427/34 , 120बी तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3/4 के तहत साल 2018 में चार्ज फ्रेम किया था.
इन 7 प्रमुख गवाहों की कराई गई थी कोर्ट में गवाही
मामले को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कोर्ट में रामबहादुर सिंह, सुरेश महतो, रुद्र नारायण, अशोक महतो, ललन कुमार, अरविंद कुमार और राकेश कुमार की गवाही कराई थी. हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का बारिकी से अवलोकन करने के बाद अदालत ने साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत तीनों आरोपितों को इस मामले से पूरी तरह मुक्त करने का आदेश सुनाया.
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