Begusarai News : बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र में गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के बीच बाया नदी पर बना रिंग बांध उर्फ जमींदारी बांध करीब 30 मीटर तक टूटकर तेज बहाव में बह गया. बांध टूटने से रानी-3 पंचायत के रानी गांव पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. वहीं, सैकड़ों एकड़ में लगी फसल भी बाढ़ के पानी में डूब गई है. बांध टूटने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों में अफरातफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए.
रिसाव के बाद अचानक टूटा बांध
बताया गया कि गोधना पंचायत से लेकर दादुपुर पंचायत के बीच गंगा-बाया नदी के किनारे करीब सात किलोमीटर लंबा जमींदारी बांध बना हुआ है. बेगमसराय और झमटिया गांव के बीच रविवार की देर रात बांध के निचले हिस्से से अचानक पानी का रिसाव शुरू हुआ. ग्रामीणों के अनुसार, बांध के किनारे एक तार का पेड़ लगा हुआ था और उसके बगल में बड़ा गड्ढा था, जिसमें पानी जमा था. देर रात अचानक तार का पेड़ गिर गया. पेड़ की जड़ के साथ बांध की मिट्टी भी खिसक गई, जिससे पानी का रिसाव तेज हो गया. देखते ही देखते तेज बहाव ने करीब 30 मीटर हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया.
पेड़-पौधे डालकर ग्रामीणों ने रोकने की कोशिश की
बांध टूटने की सूचना मिलते ही बाढ़ नियंत्रण विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे और पानी के बहाव को रोकने का प्रयास शुरू किया. स्थानीय लोगों ने भी पेड़-पौधे काटकर बहाव को कम करने की कोशिश की, लेकिन तेज धार के कारण पानी रुकने का नाम नहीं ले रहा था. इसके बाद प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कराया गया. नाव और ट्रैक्टर की मदद से मिट्टी से भरे बोरे लाकर टूटे हिस्से को भरने का काम किया जा रहा है.
सैकड़ों एकड़ फसल डूबी, गांवों में बढ़ी चिंता
जमींदारी बांध टूटने से सैकड़ों एकड़ में लगी फसल पानी में डूब गई है. वहीं, रानी गांव पर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है. निचले इलाकों के घरों में भी पानी प्रवेश करने लगा है. इसके अलावा गुप्ता-लखमिनिया बांध पर भी पानी का दबाव बढ़ गया है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जमींदारी बांध की मरम्मत जल्द पूरी कराने की मांग की है, ताकि गुप्ता-लखमिनिया बांध पर पानी का दबाव कम किया जा सके.
कांग्रेस नेता ने विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप
बांध टूटने की घटना को लेकर बेगूसराय जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी शिव प्रकाश गरीब दास ने कहा कि तटबंध टूटने से गांवों में पानी प्रवेश कर रहा है और किसानों की खड़ी फसल बर्बाद होने के कगार पर है. उन्होंने इसे केवल प्राकृतिक आपदा नहीं बताते हुए तटबंधों के समय पर निरीक्षण, रखरखाव एवं सुदृढ़ीकरण में जल संसाधन विभाग की कथित लापरवाही का गंभीर परिणाम बताया.
उन्होंने कहा कि यदि गंगा-बाया नदी के तटबंध का समय पर निरीक्षण, मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कराया गया होता, तो बछवाड़ा के ग्रामीणों और किसानों को इस भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता.
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डीएम ने लिया जायजा, अधिकारियों को दिए निर्देश
वहीं, बांध टूटने की सूचना पर जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि बछवाड़ा प्रखंड अंतर्गत रानी-1 और रानी-2 पंचायत के समीप गंगा नदी पर बने तटबंध के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली थी. इसके बाद जल संसाधन विभाग एवं स्थानीय पदाधिकारियों की ओर से मुख्य अभियंता की निगरानी में तटबंध की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है. उन्होंने जल्द से जल्द मरम्मत कार्य पूरा करने का निर्देश दिया.
डीएम ने कहा कि स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा बांध का लगातार निरीक्षण किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या उत्पन्न न हो और लोगों को जान-माल के नुकसान से सुरक्षित रखा जा सके.
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मौके पर कई अधिकारी रहे मौजूद
घटनास्थल पर तेघड़ा एसडीओ नीरज सिन्हा, डीएसपी कृष्ण कुमार, बीडीओ अमित कुमार, सीओ प्रीतम गौतम, जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनीष कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों की निगरानी में बांध की मरम्मत का कार्य जारी है.
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