मौसम मेहरबान, धान रोपनी का कार्य जोरों पर

जिले में लक्ष्य 1.72 लाख हेक्टेयर धान लगाने का लक्ष्य

जिले में लक्ष्य 1.72 लाख हेक्टेयर धान लगाने का लक्ष्य औरंगाबाद/कुटुंबा. वर्षा ऋतु का दूसरा चरण बीत रहा है. विभिन्न क्षेत्रों में धान रोपनी का काम जोरों पर है. इस बार पुनर्वस व पुष्य नक्षत्र में मॉनसूनी बारिश से अच्छी खासी धान की रोपनी हुई है. जिले के निर्धारित लक्ष्य 1.72 लाख के विरुद्ध में अबतक 100.406 हेक्टेयर भूमि में धान की रोपनी हो सकी है, जो पिछले वर्ष के अनुपात में काफी अधिक है. जिला कृषि कार्यालय से प्राप्त आकड़ों के अनुसार औरंगाबाद प्रखंड में 14,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 8462.720 हेक्टेयर में रोपनी हुई, जो 62.474 प्रतिशत है. बारुण प्रखंड में 17,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 13047.500 हेक्टेयर यानी 77.332 प्रतिशत रोपनी हुई है. ओबरा प्रखंड में 20,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 14338 हेक्टेयर (75.005 %), और दाउदनगर प्रखंड में 12,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 8186 हेक्टेयर (86.730%) रोपनी पूरी हुई है.इसी तरह से हसपुरा प्रखंड में 10,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 5535.250 हेक्टेयर (57.102%), गोह प्रखंड में 16,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 8212 हेक्टेयर (44.728%), और रफीगंज प्रखंड में 18,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 9583.300 हेक्टेयर (51.327%) रोपनी हुई है. मदनपुर प्रखंड में 10,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 3661.100 हेक्टेयर यानी 49.126 प्रतिशत धान की फसल लगाई गई है. देव प्रखंड में 11,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 5954 हेक्टेयर यानी 53.975 प्रतिशत, कुटुंबा प्रखंड में 20,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 10273 हेक्टेयर यानी 57.102 प्रतिशत, और नवीनगर प्रखंड में 24,000 हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 13115 हेक्टेयर यानी 48.181 प्रतिशत क्षेत्र में रोपनी का कार्य पूरा हुआ है. कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस बार दक्षिणी क्षेत्र झारखंड के बोर्डर एरिया में भी अच्छी खासी धान की रोपनी हुई है.

जुलाई में औसत से हुई कम बारिश, नवीनगर में अधिक

इस बार जुलाई महीने में औसतन से कम बारिश हुई है. हालांकि पिछले चार वर्षो के रिकार्ड देखा जाए तो अधिक बारिश हुई है. वर्ष 2021 में जिले में135.4 एमएम बारिश हुई थी.2022 के जुलाई महीने में मात्र 91.5एमएम व 2023 में 257.7 एमएम तथा 2024 में 261.8 एमएम बारिश हुई थी.इस बार नवीनगर प्रखंड में सबसे सबसे अधिक 404.6 एमएम बारिश हुई, वही देव प्रखंड में सबसे कम 230.8 एमएम बारिश हुई. इधर, रफीगंज प्रखंड में 356.2 एमएम बारिश हुई. सदर प्रखंड में 324.4 एमएम कुटुंबा प्रखंड में 316 एमएम हसपुरा प्रखंड में 312.8 एमएम ओबरा प्रखंड में 302.8 एमएम बारुण प्रखंड में 262.6 एमएम दाउदनगर प्रखंड में 261 एमएम, गोह व मदनपुर प्रखंड में 252.8 एमएम बारिश हुई है. अगर पूरे महीने की बात करें तो इस महीने में अलग-अलग प्रखंडों का कुल 3276.8 एमएम बारिश रिकार्ड किया गया है. अनुमंडल सांख्यिकी पदाधिकारी बजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इस महीने में वर्षा का वास्तविक अनुपात 297.9 मिली मीटर दर्ज की गई है.

क्या बताते हैं डीएओ

जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज ने बताया कि इस बार जिले के विभिन्न प्रखंडों में मॉनसूनी बारिश हो रही है.धान की रोपनी कार्य प्रगति पर है. किसानो को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है. जिले में अब तक लक्ष्य के विरुद्ध 58.751 प्रतिशत धान की रोपनी हो चुकी है. किसान लग्न के साथ कृषि कार्य में जुटे है.उनके मेहनत के बदौलत शीघ्र आच्छादन पूरा कर लिया जाएगा.कृषि कर्मी क्षेत्र में भ्रमण कर हर खेत का डिजिटल फसल क्रॉप सर्वे कर रहे हैं.

अभी चार दिनो तक अच्छी बारिश की उम्मीद

मौसम वैज्ञानिक डॉ अनूप कुमार चौबे ने बताया कि पूरे बिहार में मानसून सक्रिय है.मौसम विभाग ने औरंगाबाद सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से झोंके के साथ तेज हवा चलने कि संभावना जतायी जा रही है. यहां तक कि मेघ गर्जन और अकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है. मानसूनी बारिश से धान की रोपनी में तेजी आई है.

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By Sujit kumar

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