बीडीओ की पहल पर मिडिल स्कूल पोला का गतिरोध हुआ समाप्त

विद्यालय परिसर में ग्रामीणों व शिक्षको के साथ की बैठक

विद्यालय परिसर में ग्रामीणों व शिक्षको के साथ की बैठक अंबा. किसी बात को ज्यादा तूल देने से मामला बिगड़ जाता है, स्थानीय स्तर पर आपस में बैठकर सलट लेना चाहिए. बच्चो के भविष्य का सवाल है. विद्यालय में शैक्षणिक माहौल खराब होने से बच्चों को क्वालिटी युक्त एजुकेशन का लाभ नहीं मिल पाता है. शिक्षण संस्थान या सरकारी दफ्तर में किसी की अपनी मर्जी काम नहीं करती है. सरकारी नियमों को अनुपालन करना होता है. ये बातें बीडीओ मनोज कुमार ने कही. वे गुरुवार को प्रखंड के विवादित विद्यालय पोला में ग्रामीणों व शिक्षको के साथ बैठकर गतिरोध समाप्त करने का प्रयास कर रहे थे. उनके साथ बीइओ शिशिर कुमार रंजन भी वहां मौजूद थे. जानकारी के अनुसार हाथ में कलेवा बांधने और माथे पर तिलक लगाने की बात को लेकर राजकीयकृत मध्य विद्यालय पोला गोड़ीहा में अभिभावक और शिक्षकों के बीच उत्पन्न गतिरोध उत्पन्न हो गया था. बीडीओ ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी बातों को सुनी और समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि अभिभावक की मांग के अनुसार मिड डे मील की गुणवत्ता में सुधार किया जायेगा. बच्चों के मीनू के अनुसार मध्याह्न भोजन मिलेगा. कोई भी शिक्षक किसी बच्चे के धार्मिक भावना पर ठेस नहीं पहुंचाएंगे. विद्यालय के बच्चो और उनके अभिभावको के बीच आपसी प्रेम भाईचारा कायम रहना चाहिए. स्कूल में विवाद उत्पन्न होने पर बच्चों के मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. शेख बीघा के नव सृजित उर्दू विद्यालय का भवन निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण उक्त विद्यालय से टैग कर चलाया जा रहा है. उस विद्यालय को वहां से अलग व्यवस्थित किया जाएगा. विवादित शिक्षकों का स्थानांतरण कर उनके विरुद्ध कार्यवाही की जायेगी. बीडीओ के बातों से आश्वस्त होकर ग्रामीणों ने पुरानी विवाद को सुलझा लिया है. अब शुक्रवार से नियमित विद्यालय का संचालन होगा. विदित हो कि गुरुवार ���ो कतिपय कारणवश बच्चे वहां पढ़ने नहीं गए थे. किसी बात को लेकर ग्रामीण आक्रोशित थे. नाम नहीं छापने के शर्त पर स्थानीय लोगो ने बताया कि घटिया एमडीएम व विवाद के जड़ में पूर्व के प्रभारी प्रधानाध्यापक परवेज आलम है. उनको अगर विभाग यहां से हटाकर दूसरे विद्यालय में स्थानांतरण कर देता है तो स्वतः मामला शांत हो जायेगा. यह भी आरोप है कि वे बच्चों को बेवजह उकसाते है. हालांकि, अधिकारियों ने दोषी शिक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के लिए रिपोर्ट तैयार कर वरीय अधिकारियों को समर्पित कर दिया है.

क्या बताते हैं डीपीओ

डीपीओ भोला कुमार कर्ण ने बताया कि मिडिल स्कूल पोला गोड़ीहा का मामला जिला प्रशासन के संज्ञान में है. मामले की जांच की जा रही है. दोषी शिक्षक बख्से नहीं जायेंगे. उनके विरुद्ध कार्रवाई तय है.

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By Sujit kumar

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