औरंगाबाद में बिलारू नदी के पानी से घिरा टकोरा गांव, तीन दिनों से स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे

Aurangabad News : औरंगाबाद के टकोरा गांव में बिलारू नदी का पानी भरने से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त है. तीन दिनों से बच्चों की पढ़ाई और आवागमन पूरी तरह से प्रभावित है.

Aurangabad News : गोह प्रखंड की बेरका पंचायत के टकोरा गांव में चारों तरफ बिलारू नदी का पानी फैल जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है. गांव के चारों ओर पानी जमा होने के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. पिछले करीब तीन दिनों से गांव के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि पानी के कारण आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है.

जरूरी सामान के लिए पांच किमी का अतिरिक्त सफर

गांव में रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदने के लिए भी ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. गांव में फिलहाल एक ही दुकान है, जहां से लोग आवश्यक सामान खरीदकर किसी तरह अपना काम चला रहे हैं. बाजार जाने के लिए ग्रामीणों को काफी लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है. गांव से बाहर निकलने के लिए लोगों को बाला बिगहा और मलहद होकर करीब पांच किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है.

हर साल बरसात में बन जाती है ऐसी स्थिति

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में हर वर्ष यही स्थिति उत्पन्न होती है. बिलारू नदी का पानी बढ़ने के बाद टकोरा गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या एक-दो साल की नहीं, बल्कि कई दशकों से बनी हुई है. हर साल बारिश के मौसम में गांव के लोगों को इसी परेशानी से जूझना पड़ता है.

अधिकारियों के दौरे के बाद भी नहीं बनी स्थायी व्यवस्था

ग्रामीणों की शिकायत के बाद अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं. अधिकारियों के दौरे के बावजूद अब तक ग्रामीणों के आने-जाने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है. ग्रामीणों का कहना है कि तत्काल आवागमन की व्यवस्था नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है.

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चहका की पक्की ढलाई कराने की मांग

ग्रामीणों के अनुसार, गांव के दक्षिण दिशा में बना चहका यदि पक्का कर दिया जाए तो बरसात के दिनों में लोगों को आने-जाने में काफी सुविधा हो सकती है. ग्रामीणों ने चहका की पक्की ढलाई कराने की मांग की है. बताया गया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी ने चहका की ढलाई कराने की बात कही है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस दिशा में जल्द कार्रवाई होगी और उन्हें वर्षों पुरानी समस्या से राहत मिलेगी.

जलजमाव से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित

ग्रामीण राहुल कुमार, मुन्ना शर्मा, संतोष शर्मा, धरमु सिंह, मनोज यादव, सुरेश यादव और युगेश कुमार सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि बारिश का मौसम आते ही गांव की स्थिति खराब हो जाती है. हर साल पानी से घिरने के कारण घर से निकलना मुश्किल हो जाता है. बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और जरूरी काम के लिए भी गांव से बाहर जाने में परेशानी होती है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल आवागमन की व्यवस्था कराने के साथ ही दक्षिण दिशा में बने चहका की पक्की ढलाई कराने की मांग की है.

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By मणिकांत पांडेय

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