तिलक लगाने व कलावा बांधने पर रोक लगाने वाले हेडमास्टर पर हो सख्त कार्रवाई : सुशील

बच्चों को नहीं पढ़ाया जाए धार्मिक भेद-भाव का पाठ

बच्चों को नहीं पढ़ाया जाए धार्मिक भेद-भाव का पाठ

औरंगाबाद नगर. कुटुंबा प्रखंड के पोला मिडिल स्कूल में बच्चों को तिलक लगाकर व कलावा बांधकर स्कूल आने से रोकने के मामले पर पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने गहरी आपत्ति जतायी है. उन्होंने प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. गुरुवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व सांसद श्री सिंह ने कहा कि उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा बच्चों को तिलक लगाकर और कलावा बांधकर विद्यालय जाने से रोकना कहीं से उचित नहीं है. बच्चों की धार्मिक आस्था से जुड़ी परंपराओं पर रोक लगाना गलत है. देश में सभी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है. उन्होंने पोला विद्यालय में उर्दू विद्यालय को मर्ज करने पर भी नाराजगी जतायी है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक खुद धार्मिक टोपी पहन कर आते हैं. बच्चे विद्यालय पढ़ने के लिए आते हैं, उन्हें धार्मिक भेदभाव का पाठ न पढ़ाया जाये. भविष्य में दो समुदायों के बीच कोई बड़ा विवाद उत्पन्न न हो, इसलिए मामले में अविलंब प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिये. वैसे भी कुटुंबा का वह क्षेत्र काफी संवेदनशील रहा है. पहले भी दो पक्षों में विवाद का कारण रहा है जिसमें काफी दिनों तक तनाव की स्थिति बनी रहीं. उनके हस्तक्षेप से मामला सुलझाया गया था. उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की जांच-पड़ताल कर प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

जिला मुख्यालय के इर्द-गिर्द बने मेडिकल कॉलेज

पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने मेडिकल कॉलेज निर्माण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस कार्य में पंचायत स्तरीय राजनीति हावी हो गयी है. लोगों को सोच बड़ा करने की जरूरत है. मेडिकल कॉलेज का निर्माण उस जगह पर हो जहां से पहुंच पथ आसान बन जाये और औरंगाबाद के साथ-साथ अन्य प्रदेशों के लोगों को भी उसकी सुविधा मिले. पातालगंगा में कैबिनेट स्वीकृति की बात पर पूर्व सांसद ने कहा कि पातालगंगा में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पहुंच पथ को आसान बनाना होगा. औरंगाबाद जिले की आबादी लगभग 30 लाख है और मुख्यालय की आबादी दो लाख. ऐसे में मेडिकल कॉलेज का निर्माण मुख्यालय के इर्द-गिर्द हो चाहे वह मदनपुर, कुटुंबा, देव या अन्य जगह हो जहां से हाइवे की सुगमता प्राप्त हो.

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By Sujit kumar

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