Aurangabad News : औरंगाबाद-हरिहरगंज एनएच-139 पर बटाने नदी के दोमोहान पुल का बदलता ट्रैफिक सिस्टम यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. विभागीय स्तर पर बरती जा रही अनदेखी से स्थानीय लोग भी हैरान हैं. पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद से लगभग हर दिन बैरियर की व्यवस्था बदलती रहती है. कभी पुल के दोनों छोर पर सड़क से उखाड़े गए मलबे, डस्ट, मेटल और टुकड़े रखकर भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जाती है, तो कभी इन्हीं अवरोधों के जरिए मार्ग को वन-वे कर दिया जाता है.
बार-बार बदलती रहती है बैरियर की व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, विभाग और डायवर्सन निर्माण एजेंसी की ओर से कई बार लोहे के हैवी एंगल लगाकर उनकी ढलाई की गई. तीन-चार बार पुल के दोनों छोर पर हैवी हर्डल भी लगाया गया, लेकिन अगले ही दिन उसे हटाकर भारी वाहनों का परिचालन शुरू करा दिया जाता है. इस स्थिति को लेकर विभागीय अधिकारी, स्थानीय बुद्धिजीवी और समाजसेवी भी आश्चर्य जता रहे हैं.
स्थानीय निवासी योगेंद्र मेहता, संजय कुमार सिंह, दीनदयाल सिंह और कंचन गुप्ता आदि का कहना है कि दोमोहान पुल का बार-बार बदलता ट्रैफिक सिस्टम यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है. ऐसी स्थिति में किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है.
वन-वे होने पर घंटों जाम में फंसते हैं वाहन
प्रो. सुनील कुमार सिंह और प्रो. रामाधार सिंह ने बताया कि संवेदक द्वारा पुल को वन-वे किए जाने पर बाइक, ऑटो और चारपहिया वाहन चालक घंटों जाम में फंसे रहते हैं. गुरुवार को भी उक्त पुल पर जाम की स्थिति बनी रही. मार्ग से गुजरने वाले यात्री पूरे दिन परेशान दिखे.
बैरियर तोड़े जाने से उठ रहे कई सवाल
विदित हो कि दोमोहान पुल से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर रिसियप थाना स्थित है. थाना पुलिस और डायल-112 की लगातार पेट्रोलिंग के बावजूद पुल पर लगाए गए बैरियर को उखाड़कर क्षतिग्रस्त किया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है. स्थानीय ग्रामीण नाम नहीं छापने की शर्त पर बताते हैं कि रात में भारी वाहनों के परिचालन के लिए बैरियर हटाया जाता है.
वहीं, एनएच विभाग के अधिकारी भी रिसियप पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं. लगातार आरोप-प्रत्यारोप के बीच रिसियप पुलिस की कार्यशैली संदेह के घेरे में आ गई है.
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क्या बताते हैं एसएचओ
रिसियप थानाध्यक्ष संजीत राम के सरकारी फोन नंबर पर संपर्क कर मामले की जानकारी ली गई. उन्होंने बताया कि एनएच विभाग के अधिकारी या संवेदक की ओर से उन्हें कभी भी लिखित या मौखिक रूप से बैरियर के संबंध में जानकारी नहीं दी गई है. उन्होंने कहा कि अगर किसी ने एक बार भी दोमोहान पुल पर बैरियर कायम रखने के लिए कहा है, तो कॉल डिटेल दिखाई जा सकती है.
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एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने लगाया गंभीर आरोप
एनएच के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर तुलसी प्रसाद ने बताया कि दोमोहान पुल से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने का जिला प्रशासन का आदेश है. दिन में बैरियर काम करता है, लेकिन रात में उसे तोड़ दिया जाता है. उन्होंने बताया कि अब तक तीन बार हैवी हर्डल लगाया गया, जिसे उसी रात तोड़ दिया गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि रात में रिसियप पुलिस और अन्य तत्वों द्वारा बैरियर हटाकर भारी वाहनों को क्षतिग्रस्त पुल से पार कराया जाता है. इस संबंध में रिसियप थाना में एफआइआर भी दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा कि आवेदन की प्रति उपलब्ध कराने के लिए वे तैयार हैं.
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