Aurangabad News : औरंगाबाद के देव में प्रस्तावित रिंग रोड के अलायमेंट में बदलाव की मांग को लेकर भाजपा के पूर्व जिला कोषाध्यक्ष सह सभापति प्रतिनिधि, बिहार विधान परिषद आलोक कुमार सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल बुधवार को अपर समाहर्ता सह अपर जिला दंडाधिकारी अनुग्रह नारायण सिंह से मिला. जिला पदाधिकारी के निर्देश पर हुई इस मुलाकात के दौरान ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपकर प्रस्तावित अलायमेंट पर आपत्तियां दर्ज करायीं और नया मार्ग निर्धारित करने का सुझाव दिया. इस दौरान जदयू जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भी मौजूद रहे.
प्रगति यात्रा के दौरान हुई थी रिंग रोड की घोषणा
ग्रामीणों ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान देव में रिंग रोड निर्माण की घोषणा की गयी थी. इसके बाद इसके लिए बजटीय प्रावधान करते हुए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू हुई. ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान प्रस्ताव में चांदपुर, देव, भवानीपुर और कुशवाहा मौजा में जिस तरह भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव है, वह रिंग रोड की उपयोगिता और भविष्य की जरूरत के लिहाज से उपयुक्त नहीं है.
सूर्य मंदिर और छठ मेले को ध्यान में रखने की मांग
आलोक कुमार सिंह ने कहा कि देव ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है. यहां विश्वप्रसिद्ध त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर स्थित है. कार्तिक और चैती छठ के दौरान यहां विशाल मेला लगता है. ऐसे में रिंग रोड का निर्माण इस प्रकार होना चाहिए कि मेला क्षेत्र प्रभावित न हो और श्रद्धालुओं एवं आम लोगों का आवागमन सुचारू बना रहे.
जलस्रोतों को बचाने की ग्रामीणों ने उठायी मांग
ग्रामीणों ने पातालगंगा मठ के समीप एसएच-101 से जुड़े बढ़की आहर, लिलजी आहर और ताड़ आहर के जलस्रोतों को बचाने की मांग की. उनका कहना है कि सड़क निर्माण से यदि जलस्रोत प्रभावित हुए तो कृषि भूमि की सिंचाई पर गंभीर असर पड़ेगा. ग्रामीणों ने वास्तविक जरूरत के अनुसार ही भूमि अधिग्रहण करने तथा सरकारी भूमि का अधिकतम उपयोग करने का सुझाव दिया.
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इन गांवों से होकर वैकल्पिक अलायमेंट का सुझाव
ग्रामीणों ने वैकल्पिक अलायमेंट के रूप में एसएच-101 से पातालगंगा मठ के समीप से बढ़की आहर, लिलजी आहर, तिलौताबिगहा, नरची गांव और मालेनगर होते हुए बेलसारा संपर्क पथ के रास्ते सड़क आहर, उपरदाहा, उधमबिगहा और लक्ष्मीबिगहा होते हुए महाराणा प्रताप महाविद्यालय के समीप नहर तक रिंग रोड बनाने का सुझाव दिया. ग्रामीणों के अनुसार इस मार्ग पर पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है, जिससे भूमि अधिग्रहण का खर्च भी कम होगा.
15 अगस्त के बाद स्थल निरीक्षण का आश्वासन
ग्रामीणों की मांग पर अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह ने आश्वस्त किया कि 15 अगस्त के बाद एक तिथि निर्धारित कर सुझाये गये नये अलायमेंट का स्थल निरीक्षण किया जाएगा. स्थल निरीक्षण के बाद मामले में अग्रेतर कार्रवाई शुरू की जाएगी.
शिष्टमंडल में ये लोग रहे शामिल
मौके पर जदयू प्रखंड अध्यक्ष ब्रजेश सिंह, योगेंद्र सिंह, दीपक सिंह, बालेंद्र यादव, जगलाल सिंह, प्रमोद कुमार सिंह, सुजीत कुमार सिंह समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे.
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