अररिया : छात्रों पर लाठीचार्ज, पेपर लीक और शिक्षक बहाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर स्टूडेंट फ्रंट का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी अररिया कचहरी परिसर में जारी रहा. धरने में छात्र-छात्राओं, युवाओं, अभिभावकों और आम लोगों ने भाग लिया. आयोजकों के अनुसार कई स्कूली बच्चों ने भी आंदोलन का समर्थन किया.
धरना स्थल पर पहुंचे अधिवक्ता प्रतीक शरण ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से होना चाहिए तथा यदि छात्रों के अधिकारों का उल्लंघन होता है तो उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
समाजसेवी शैलेंद्र शरण ने कहा कि छात्र किसी भी देश की रीढ़ होते हैं और उनकी आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, तभी देश मजबूत बनेगा.
स्टूडेंट फ्रंट के नेता फैसल जावेद यासीन ने कहा कि आंदोलन की शुरुआत केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से हुई थी, लेकिन छात्रों पर लाठीचार्ज और जवाबदेही के अभाव के कारण अब उनकी मांग केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस्तीफे तक पहुंच गई है. यह संगठन का दावा और मांग है. उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
संगठन के सचिव सादिक आलम ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा और छात्रों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा है. धरने का नेतृत्व अध्यक्ष शाहजहां आलम, महासचिव ओम प्रकाश राय, सचिव सादिक आलम और इमरान आलम कर रहे हैं.
धरना स्थल पर जिला पार्षद सबा फैसल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंचे और आंदोलन के प्रति समर्थन जताया. सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कचहरी परिसर में पुलिस बल की तैनाती की गई है.
आयोजकों ने कहा कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा.
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