अररिया. समाहरणालय परिसर स्थित धरना स्थल पर गुरुवार को राजस्व कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. राजस्व कर्मचारियों ने हाथों में तख्तियां लिए बिहार सरकार का विरोध प्रदर्शन किया. राजस्व कर्मचारी विजेंद्र झा ने बताया कि यह धरना पुरानी मांगों के कार्यान्वयन व नयी समस्याओं के विरोध में किया गया है. उन्होंने कहा कि करीब 10 वर्ष पूर्व अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह सहित उच्च पदाधिकारियों के साथ हुए समझौते में कई वादे किया गया था. लेकिन आज तक उनका क्रियान्वयन नहीं हुआ. कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार न केवल पुरानी मांगों को लागू नहीं कर रही व प्रतिदिन नए-नए कार्यों का बोझ बढ़ा दी जा रही है. दिव्ययांग एक कर्मचारी ने कहा कि ऐसा लगता है कि अब घर-परिवार सब छोड़कर 24 घंटे ड्यूटी करनी होगी. दिव्ययांग होने के बाद भी घर से 200 से 300 किलोमीटर दूर से यहां आकर काम करते हैं. सरकार का यही फरमान है कि दिन-रात काम करना है. राजस्व कर्मचारी सत्यनारायण ने बताया कि राजस्व विभाग की बैठक में समझौते में यह तय हुआ था कि 10 वर्ष की सेवा पर एसपी व 15 वर्ष पर एमसीपी दिया जाएगा. लेकिन सरकार इन वादों से मुकर रही है. राजस्व कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द मांगों पर ध्यान नहीं देगी तो आगे व सशक्त आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी. कर्मचारी संगठन ने स्पष्ट किया कि वे काम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उचित सम्मान वेतन व सेवा शर्तों की मांग कर रहे. उन्होंने स्पष्ट कहा की यदि मांग पूरा नहीं होगी तो 11 फरवरी को हमलोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगें. धरना पर अररिया सदर अंचल के राजस्व कर्मचारी प्रभात कुमार कुशवाहा, सलीमुद्दीन अंसारी, नौशाद आलम, पलासी अंचल के राजस्व कर्मचारी राजू कुमार, पवन कुमार, विकास कुमार, नरपतगंज अंचल के जितेंद्र कुमार, रेणु कुमारी, सत्यनारायण, मनोरंजन सिंह, दीपक, फारबिसगंज अंचल के राजस्व कर्मचारी अभिलाषा कुमारी, मो मनोवर, दशरथ कुमार, राजस्व कर्मचारी सचिन कुमार, शभुनाथ कुमार, चन्द्रप्रकाश ,कमरूल होदा, प्रभात कुमार सहित अन्य मौजूद थे.
मांगों को लेकर राजस्व कर्मचारियों ने दिया धरना
मांगे पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे कर्मी
