अररिया नप की सामान्य बोर्ड की बैठक हो हंगामे के बीच स्थगित, सफाई कर्मी हड़ताल पर

पार्षद पति ने नप प्रशासन के विरुद्ध किया गलत व्यवहार

अररिया. पत्रकारों को बिना पूर्व सूचना के अररिया नगर परिषद के सभागार में सामान्य बोर्ड की 12वीं बैठक मुख्य पार्षद विजय कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में हुई, जो कहीं से सामान्य नहीं दिखी. नगर पार्षदों ने हंगामे के बीच बैठक स्थगित कर दी. वहीं बैठक स्थगित होने के बाद मुख्य पार्षद व उप मुख्य पार्षद गौतम कुमार साह अपने-अपने कक्ष में लौट गये. इधर सूत्रों के अनुसार बैठक में नगर पार्षदों का पुनः दो खेमे में बंट गया है. एक खेमा मुख्य पार्षद के साथ है तो दूसरा खेमा अपनी मांगों के साथ है. दूसरे खेमे के नगर पार्षदों के अनुसार गत शनिवार को सुनियोजित तरीके से नगर परिषद के सफाई कर्मियों की बागडोर आउटसोर्सिंग माध्यम से निविदा निकालकर शहर की सफाई उसके अधीन कर दी गयी. जहां दूसरे खेमे में बंटे पार्षदों ने सफाईकर्मियों की मांग के अनुसार कहा कि पहले नगर परिषद द्वारा 36 से 37 लाख की राशि शहर की सफाई लागत खर्च होती थी. अब वहीं निविदा के अनुसार आउटसोर्सिंग माध्यम से नगर परिषद क्षेत्र के 29 वार्ड की सफाई का टेंडर 74 लाख की लागत खर्च होगी. जिसका नगर परिषद कर्मचारी संघ के सफाई कर्मी शहर की सफाई व्यवस्था को ठप करते हुए अपनी मांगों के साथ समर्थन में एक सप्ताह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. जिससे पूरे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है. हरके तरफ कचरों का अंबार लगा हुआ है व दुर्गंध से नगर निवासी सहित दुकानदार व राहगीर परेशान दिख रहे हैं. जबकि वर्तमान समय में रमजान का पाक महीना भी चल रहा है. वहीं ईद को लेकर बाजार में खासा चहल पहल है व गंदगियों व दुर्गंध के बीच लोगों को चलकर खरीदारी करना पड़ता है. साथ ही नमाज के लिए भी गंदगियों के बीच चलकर मस्जिद पहुंचना पड़ रहा है. आमलोगों का कहना है कि नगर परिषद प्रशासन की कार्यशैली पूरी तरह से लचर हो गई व सफाई कर्मियों के हड़ताल के बाद से लाचार भी दिख रहे हैं. इधर नगर पार्षदों की मांग पूरी नहीं होने से वह अपनी लाचारी छुपाते फिर रहे हैं. वार्डवासियों को मुख्य पार्षद की मनमानी बता रहे हैं. सामान्य बोर्ड की बैठक स्थगित होने के बाद पूरा नगर परिषद भवन में हो हंगामा का दौर चलता रहा. सूत्रों के अनुसार सफाईकर्मियों की 09 सूत्री मांग पूरी नहीं हो सकी. ना ही बैठक में हड़ताल समाप्त कराने की दिशा में कोई पहल की जा सकी. बैठक स्थगित होने के साथ ही दूसरे खेमे के नगर पार्षदों ने सभागार द्वार के बाहर जमकर हंगामा किया. सूत्रों ने बताया कि अभद्र टिप्पणी के साथ कई अभद्र शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया है. जिसमें महिला पार्षद के पति के द्वारा सफाई कर्मियों के पक्ष में हो हंगामा तो जरूर किया. इसके अलावे सफाई कर्मियों को गलत हरकत करने के लिए उकसाया. जिससे नगर परिषद का माहौल व शांति व्यवस्था को खराब करने की कोशिश की गई है. वहीं नगर परिषद के कर्मचारियों ने भी दबे जुबान से वैसे पार्षद पति के व्यवहार को गलत ठहराया है. मौके पर नगर परिषद के सभी कर्मचारी सहित 29 वार्डों के नगर पार्षद व अन्य शामिल थे. इधर पार्षद पति के द्वारा गलत व्यवहार व गलत शब्दों के इस्तेमाल को लेकर जब अररिया नप के कार्यपालक पदाधिकारी चंद्रराज प्रकाश से जानकारी लेने के लिए काफी संपर्क करने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो सका.

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