CIB Investigation: ठगी और आपराधिक विश्वासघात के आरोपों का सामना कर रहे विराटनगर निवासी अभिषेक गिरी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. नेपाल की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) और मोरंग पुलिस अब गिरी, उसके परिवार और कथित सहयोगियों के नाम पर मौजूद संपत्तियों की जांच कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन संपत्तियों के लिए धन कहां से आया और क्या इसमें अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका रही है.
पत्नी के नाम कई स्थानों पर जमीन खरीदने की जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार वर्ष 2025 में अभिषेक गिरी ने अपनी पत्नी सोनू आचार्य के नाम पर काठमांडू के बुढानीलकंठ, कोशी प्रदेश के धनकुटा तथा मोरंग जिले सहित कुल आठ स्थानों पर जमीन खरीदी थी. इसके अलावा मोरंग के बबियाबिर्ता क्षेत्र में बैंक द्वारा नीलाम की गई करीब दो बीघा 16 कट्ठा जमीन भी अपने नाम कराने की जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है. इन सभी संपत्तियों के वित्तीय स्रोत की जांच की जा रही है.
महंगी जमीन कम कीमत में रजिस्ट्री कराने का आरोप
निर्माण व्यवसायी सुभाष श्रेष्ठ की शिकायत के आधार पर अभिषेक गिरी को गिरफ्तार कर काठमांडू ले जाया गया था. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बुढानीलकंठ स्थित करीब साढ़े चार करोड़ रुपये मूल्य की जमीन और मकान को मात्र 18 लाख रुपये में अपने नाम रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाया गया. शिकायतकर्ता ने जान से मारने की धमकी और आर्थिक नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया है. इन आरोपों की जांच जारी है.
कैसीनो से जुड़ा कथित कर्ज नेटवर्क भी जांच के दायरे में
CIB Investigation: पुलिस सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि विराटनगर के कैसीनो से जुड़े एक कथित कर्ज नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है. आरोप है कि ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज देने और बाद में कथित साझेदारों की मदद से वसूली करने का नेटवर्क संचालित किया जाता था. पुलिस इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है.
भारतीय साझेदारों की भूमिका भी जांच के घेरे में
मोरंग पुलिस के अनुसार मामले में सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों से जुड़े कुछ कथित साझेदारों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो उनके खिलाफ नेपाल के कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.
रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी
मोरंग पुलिस अधीक्षक कवित कटुवाल ने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. काठमांडू जिला अदालत से रिमांड मिलने के बाद सीआईबी अभिषेक गिरी से पूछताछ कर रही है. साथ ही संपत्ति, वित्तीय लेन-देन और कथित सहयोगियों के नेटवर्क की भी जांच जारी है.
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