फारबिसगंज. पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के नेपाल के अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगने वाले जोगबनी-कटिहार रेलखंड में यात्री सुविधाओं में व्यापक सुधार, रेल सेवाओं में विस्तार व स्टेशनों के उन्नयन को लेकर बरते जाने वाले उपेक्षा से डीआरयूसीसी सदस्य में काफी नाराजगी है. डीआरयुसीसी सदस्य बछराज राखेचा जी ने बताया कि उनके द्वारा महा प्रबंधक, मंडल रेल प्रबंधक, मंडल वाणिज्य प्रबंधक, मंडल परिचालन प्रबंधक आदि को कई बार पत्र भी भेजा है. साथ ही इन मांगों को मंडल परामर्शदात्री समिति की बैठकों में पुरजोर तरीके से उठाया भी है. श्री राखेचा के अलावा इंडो- नेपाल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ रेल यूजर्स के सदस्य विनोद सरावगी, फारबिसगंज सिविल सोसाइटी, नागरिक संघर्ष समिति व विभिन्न संगठनों द्वारा भी रेलवे के उच्च अधिकारियों द्वारा मांगे उठाई जाती रही हैं. रेल परामर्शदात्री समिति की बैठक में श्री राखेचा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर रेलवे का हमेशा रटारटाया जवाब आता है की मांगों को संबंधित विभाग, क्षेत्रीय कार्यालय,रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है. लेकिन आज तक इस दिशा में कोई उल्लेखनीय काम नहीं हुआ है. रेलवे की इस टालमटोल व ढुलमुल नीति से आक्रोशित व खिन्न होकर फिर से एक बार उन्होंने एन एफ रेलवे के महाप्रबंधक व मंडल रेल प्रबंधक को एक मांग पत्र भेज कर पुनरावृत्ति की है.
जोगबनी-कटिहार रेलखंड की उपेक्षा से डीआरयूसीसी सदस्य आक्रोशित
परेशानी पर विभाग उदासीन, कोई नहीं ले रहा सुधि
