अररिया. लोक आस्था का महापर्व चैती छठ सूर्य देव व छठी मैया को समर्पित है. रविवार को नहाय-खाय के बाद सोमवार को खरना पर्व मनाया गया. वहीं मंगलवार को संध्या अर्घ्य तो बुधवार को सुबह का अर्घ्य दिया जायेगा. मान्यता है कि भगवान सूर्य को सच्ची भक्ति के साथ अर्घ्य देने व विधिवत पूजा करने से सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है. छठ पर्व में नहाय खाय, खरना व अर्घ्य प्रमुख दिन होता है. चैती छठ पूजा के दूसरे दिन 23 मार्च को खरना के रूप में मनाया गया. व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर शाम को सूर्य देव की पूजा के बाद गुड़ से बनी खीर, रोटी व फल का सेवन किया. साथ ही खरना का प्रसाद ग्रहण करने के बाद व्रतियों ने 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत शुरू हो गया. छठ पूजा को लेकर शहर के गली-मोहल्लो में छठी मैया की भक्ति गीत बज रही है. लोग आस्था के सागर में गोते लगा रहे हैं.
खरना के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू, आज दिया जायेगा अर्घ्य
छठ को लेकर माहौल हुआ भक्तिमय
