अररिया. अनुसूचित जाति- जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत जिला स्तरीय सतर्कता व अनुश्रवण समिति की बैठक मंगलवार को जिलाधिकारी विनोद दूहन व पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई. बैठक में रानीगंज विधायक अविनाश मंगलम, उप विकास आयुक्त रोजी कुमारी, अपर समाहर्ता अनिल कुमार झा, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी व सतर्कता व अनुश्रवण समिति के सदस्य मौजूद थे. बैठक में अधिनियम से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गयी. इससे पूर्व जिला कल्याण पदाधिकारी सह सदस्य सचिव द्वारा पूर्व के बैठक की कार्रवाई के अनुपालन से सभी सदस्यों को अवगत कराया. जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 01 करोड़ रुपये की राशि अनुसूचित जाति- जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुआवजा हेतु प्राप्त हुआ है. इसमें से 179 लाभुकों के बीच 99,21,176 रुपये का भुगतान किया जा चुका है. इसके साथ ही बताया कि अधिनियम के अंतर्गत माननीय न्यायालय में आरोप पत्र समर्पण के लिए कुल सात मामले लंबित हैं. इसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मैनुअल स्कैवेंजर्स रोजगार निषेध व पुनर्वास अधिनियम, 2013 के तहत जिला स्तरीय सतर्कता व निगरानी समिति की बैठक भी आयोजित की गयी. बैठक में नगर परिषद व नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारियों द्वारा यह जानकारी दी गयी कि वर्तमान में अररिया जिले में मैनुअल स्कैवेंजिंग नहीं है. नगर परिषद, अररिया व जोगबनी के कार्यपालक पदाधिकारियों ने बताया कि सफाई कार्य आधुनिक उपकरणों के माध्यम से कराया जा रहा है. सफाई कर्मियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराया गया है. डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने व लाभुकों को समय पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारी व सदस्य मौजूद थे.
179 लाभुकों के बीच मुआवजा के रूप में 99 लाख का हुआ भुगतान
अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मिला मुआवजा
