अररिया जिले के सिकटी प्रखंड अंतर्गत पररिया पंचायत के सालगोढ़ी कचना गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया. गांव के एक तालाब में नहाने गए 9 वर्षीय मासूम बालक देपेंद्र कुमार की गहरे पानी में डूबने से अकाल मौत हो गई. हादसे की खबर मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई और परिजनों में कोहराम मच गया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है तथा मामले में यूडी (Unnatural Death) केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
दोस्तों के साथ खेलने के दौरान तालाब में उतरा था बालक
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार:
- मृतक की पहचान: मृतक देपेंद्र कुमार (09 वर्ष), सिकटी प्रखंड के सालगोढ़ी कचना (वार्ड संख्या 04) निवासी महगु प्रसाद सिंह का पुत्र था.
- अचानक हुआ हादसा: रविवार दोपहर करीब 02 बजे देपेंद्र गांव के अन्य बच्चों के साथ घर के समीप खेल रहा था. खेलते-खेलते सभी बच्चे पास के ही एक तालाब में नहाने के लिए उतर गए.
- गहरे पानी में समाया: नहाने के क्रम में देपेंद्र अनजाने में तालाब के गहरे पानी की तरफ चला गया और डूबने लगा. साथ नहा रहे बच्चों द्वारा शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े.
देर संध्या बरामद हुआ शव, परिजनों के चीत्कार से गमगीन हुआ माहौल
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर देर संध्या तालाब से बालक के शव को बाहर निकाला:
- परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: बेटे का बेजान शरीर देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई. मृतक के पिता महगु प्रसाद सिंह ने रोते हुए बताया कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि बच्चा खेलते-खेलते तालाब की तरफ चला जाएगा. जब तक लोग पहुंचे, काफी देर हो चुकी थी.
- पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलते ही सिकटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर रात करीब 08 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल अररिया भेजा.
गांव में पसरा मातम, सुरक्षा उपायों की उठी मांग
इस दुखद घटना के बाद से पूरे सालगोढ़ी कचना गांव में शोक की लहर है और पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है.
ग्रामीणों की चिंता: स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मी व मानसून के मौसम में खुले तालाबों और गड्ढों में बच्चों के डूबने की घटनाएं सामने आती हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन और अभिभावकों से अपील की है कि वे गांव के पास स्थित खुले जलाशयों पर निगरानी रखें और बच्चों को जल स्रोतों से दूर रहने की हिदायत दें.
