अररिया : अररिया प्रखंड सभागार में मंगलवार को आयोजित पंचायत समिति की बैठक सदस्यों के विरोध की भेंट चढ़ गयी. बैठक की कार्रवाई आरंभ होते ही लगभग एक दर्जन पंचायत समिति सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से वाक आउट कर गये.
सभी पंचायत समिति सदस्यों को बैठक की समुचित जानकारी उपलब्ध नहीं कराये जाने व बैठक में विभिन्न विभाग के अधिकारियों की गैर मौजूदगी से खासे नाराज दिखे. सदस्यों के विरोध के कारण बैठक को स्थगित कर देना पड़ा. इसके बाद दोबारा पंचायत समिति की बैठक के लिये 16 नवंबर की तिथि मुकर्रर की गयी. मालूम हो कि प्रखंड प्रमुख मो शमसाद आलम की अध्यक्षता में मंगलवार को पंचायत समिति की बैठक बुलायी गयी थी.
निर्धारित समय से एक घंटें बाद तक लगभग दो दर्जन सदस्य ही बैठक में पहुंचे थे. जबकि प्रखंड में कुल पंचायत समिति सदस्यों की संख्या 43 है. बीडीओ आशुतोष कुमार व सीडीपीओ तनुजा साह के अलावा एक भी अधिकारी बैठक में मौजूद नहीं थे. इसे लेकर सदस्यों ने बैठक का विरोध शुरू कर दिया.
समुचित जानकारी नहीं मिल पाने को बताया कारण: नाराज सदस्यों की मानें तो बैठक की समुचित जानकारी सदस्यों को नहीं मिल पाने के कारण पर्याप्त संख्या में सदस्य बैठक में भाग लेने नहीं पहुंचे. इस क्रम में बैठक में विभिन्न विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर सदस्यों का आक्रोश चरम पर जा पहुंचा.
पंचायत समिति सदस्य अबु शमा, मो गुफरान आलम सहित अन्य ने बताया कि पंचायत समिति की बैठक को लेकर अधिकारियों का मनमाना रवैया शुरू से ही कायम है. इससे प्रखंड का विकास बाधित हो रहा है. नाराज सदस्यों ने प्रखंड सभागार के आगे खड़े होकर लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध जताया.
विरोध करने वाले सदस्यों में राजीव कुमार, मो मिन्नत, गुफरान आलम, मुजिबुर रहमान, अमतूल खातून, जुबैर आलम, एहत्तसाम, तसरूम, फैयाज आलम, मो जमील, गीता देवी, मो सिद्दिक, मो निहाल, रीना पासवान, कुत्यानंद राम, मो मजहर, सोनोवर खातून, मो रब्बान, परवेज आलम, महजबी, नजहत बानो शामिल थे.
विरोध का नेतृत्व कर रहे अबू शमा ने कहा कि पंचायत समिति की बैठक में अधिकारियों की कोई रूचि शुरू से नहीं रही है. अधिकारी बैठक में भाग लेने से कतराते हैं. ऐसे अधिकारियों के विरोध में कार्रवाई के लिये सदन कई बार प्रस्ताव ले चुका है. लेकिन इस पर कोई कार्रवाई अब तक सिफर रहा है. ऐसे में बैठक का कोई औचित्य नहीं बनता है.
सदस्यों की नाराजगी को देखते हुए तय की गयी बैठक की अगली तिथि : बीडीओ: मामले में बीडीओ आशुतोष कुमार ने कहा कि बैठक की समुचित जानकारी व्हाट्सअप व व्यक्तिगत स्तर पर दिया गया था. बैठक में गैरमौजूद अधिकारियों को लेकर सदस्य विरोध पर उतारू हो गये. इस कारण बैठक की अगली तिथि 16 नवंबर को निर्धारित की गयी है.
गैर जिम्मेदार अधिकारी का सामूहिक विरोध जरूरी: प्रमुख मो शमसाद: प्रखंड प्रमुख मो शमसाद आलम ने कहा कि बैठक में अधिकारियों की गैरमौजूदगी निराशा जनक है. ऐसे अधिकारियों का सामूहिक विरोध जरूरी है. इसे लेकर पंचायत समिति की अगली बैठक में सामूहिक तौर पर कड़े निर्णय लिये जायेंगे.
मौके पर ये रहे मौजूद: प्रखंड प्रमुख मो शमसाद आलम, उप प्रमुख अब्दुल हन्नान, मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष आसिफुर्रहमान, बीडीओ आशुतोष कुमार, सीडीपीओ तनूजा साह, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी. प्रखंड के प्रधान सहायक मो फारूख, मुखिया हीरा झा, मो अजहरूद्दीन, वसीकुर्रहमान, मुखिया प्रतिनिधि मो अरशद, मो शहजाद, मो वसीक, रईस अहमद, धमेंद्र यादव, अमित कुमार मंडल, मो मुर्तजा सहित अन्य.
