क्या जल्दी ही आईपीएल में वापसी करेंगे महेंद्र सिंह धोनी, प्रैक्टिस सेशन में आए नजर?

MS Dhoni : चेन्नई सुपर किंग्स की टीम आईपीएल में छह मैच खेल चुकी है, लेकिन एक भी मैच ऐसा नहीं गया होगा, जब टीम को अपने ‘थाला’ महेंद्र सिंह धोनी की कमी महसूस ना हुई हो. चेन्नई अबतक सिर्फ दो ही मैच में जीत दर्ज कर सकी है. अब ऐसी सूचना आ रही है कि शायद एमएस धोनी टीम के साथ जल्दी ही नजर आने वाले हैं.

MS Dhoni : क्या महेंद्र सिंह धोनी 23 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेले जाने वाले हाई वोल्टेज मैच में वापसी करेंगे? यह सवाल इसलिए पूछा जा रहा है क्योंकि चेन्नई के लिए यह मैच आईपीएल की रेस में बने रहने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और पिछले मैच में गुजरात टाइटंस को हराकर मुंबई के हौसले बुलंद हैं.

प्रैक्टिस सेशन में विकेटकीपिंग करते नजर आए महेंद्र सिंह धोनी?

एएनआई न्यूज के अनुसार मुंबई के पूर्व क्रिकेटर आदित्य तारे ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा कि धोनी आमतौर पर प्रैक्टिस सेशन के दौरान खुद को बैटिंग या हल्की ड्रिल तक ही सीमित रखते हैं, लेकिन वे विकेट कीपिंग ग्लव्स, पैड और हेलमेट पहने हुए नजर आ रहे थे. यह बात उनकी रिकवरी प्रोग्रेस का इंडिकेटर है. तारे ने कहा कि वे शायद पिंडली की चोट के बाद अपनी मैच फिटनेस टेस्ट कर रहे थे. तारे ने बताया कि धोनी ने पहले भी प्रैक्टिस सेशन में बैटिंग की थी, लेकिन इस सीजन में यह पहली बार था जब वे विकेटकीपिंग करते देखे गए हैं. यह एक सुखद खबर है और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए तो बहुत ही अहम खबर है. संभव है कि माही भाई मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में चेन्नई का उत्साह बढ़ाते हुए ग्राउंड में नजर आएं.

अबतक आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले हैं धोनी

आईपीएल के 19वें सीजन में धोनी ने अबतक एक भी मैच नहीं खेला है. वे पिंडली (calf) की चोट से उबर रहे हैं. यह पहला मौका है जब चेन्नई की टीम एमएस के बिना 6 मैच खेल चुकी है और उसने सिर्फ दो मैच में ही जीत दर्ज की है. चेन्नई सुपर किंग्स का मुकाबला 23 अप्रैल को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी मुंबई इंडियंस से होगा. प्वाइंट टेबल में CSK आठवें स्थान पर है, जबकि मुंबई अभी स्टैंडिंग में सातवें स्थान पर है.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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