COVID 19 प्रभावित देशों से लौट रहे खिलाड़ियों को अलग रखा जायेगा : किरेन रिजीजू

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COVID 19 प्रभावित देशों से लौट रहे खिलाड़ियों को अलग रखा जायेगा : किरेन रिजीजू

खेल मंत्री किरेन रिजीजू ने गुरुवार को कहा कि कोविड-19 (CoronaVirus) प्रभावित देशों से लौट रहे खिलाड़ियों को अनिवार्य रूप से अलग रहना होगा लेकिन उन्होंने आईपीएल और तोक्यो ओलंपिक को लेकर चल रही अटकलबाजियों पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

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नयी दिल्ली : खेल मंत्री किरेन रिजीजू ने गुरुवार को कहा कि कोविड-19 (CoronaVirus) प्रभावित देशों से लौट रहे खिलाड़ियों को अनिवार्य रूप से अलग रहना होगा लेकिन उन्होंने आईपीएल और तोक्यो ओलंपिक को लेकर चल रही अटकलबाजियों पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

चीन, दक्षिण कोरिया, ईरान, इटली, स्पेन, फ्रांस और जर्मनी कोरोना-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और उन्होंने खिलाड़ियों के लिए प्रोटोकाल के बारे में बताते हुए कहा कि अन्य सभी के लिये जो अनिवार्य है, खिलाड़ियों को भी उनका पालन करना होगा.

रिजीजू ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘जो खिलाड़ी कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों से वापस आ रहे हैं, उन्हें सरकार के नियमों के अनुसार पृथक रहना होगा. इसमें कोई छूट नहीं होगी. जो भी विदेश से आयेगा, उन्हें अलग रहना होगा और खिलाड़ियों को भी इसका पालन करना होगा.’

इस समय शीर्ष शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद को यात्रा संबंधित पांबदियों के कारण भारत लौटने में विलंब हो रहा है और उन्होंने जर्मनी में खुद को अलग रखा है. पहलवान विनेश फोगाट और भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने वापसी में यूरोप में अपनी ट्रेनिंग छोड़कर लौटने का फैसला किया. इन सभी ने लौटने के बाद खुद को अलग रखा है.

भारतीय मुक्केबाजों के बारे में पूछने के बारे में उन्होंने कहा, ‘उनका परीक्षण हो चुका है और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने कोविड-19 का पाजीटिव नहीं पाया गया है. उन्हें खतरा नहीं है लेकिन परामर्श यही होगा कि वे अलग रहें.’ खेल मंत्रालय ने सभी राष्ट्रीय महासंघों को 15 अप्रैल तक सभी टूर्नामेंट और चयन ट्रायल को निलंबित करने की सलाह दी है.

आईपीएल को 15 अप्रैल तक निलंबित कर दिया गया है और जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘सरकार 15 अप्रैल के बाद नये दिशा-निर्देश और परामर्श देगी. बीसीसीआई एक संस्था है जो क्रिकेट खेल को देखती है जो ओलंपिक खेल नहीं है. यहां ओलंपिक खेलों का सवाल नहीं है बल्कि प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य का सवाल है. हजारों लोग इसे देखने आते हैं.’

तोक्यो ओलंपिक के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘इस समय किसी को भी ओलंपिक के बारे में सवाल नहीं उठाने चाहिए, कोई भी नहीं जानता कि अगले तीन महीनों में हालात क्या होंगे.’

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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