बुमराह को बार-बार चोट क्यों लग रही है? योगराज सिंह ने बताया कारण, इस आदत को तुरंत बंद करने की दी सलाह

Yograj Singh on Jasprit Bumrah Injury: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर चिंता बनी हुई है, वे पांचों मैच नहीं खेलेंगे. चोट के चलते वे इस साल सिडनी टेस्ट बीच में छोड़कर चार महीने क्रिकेट से दूर रहे थे. योगराज सिंह ने बुमराह की लगातार चोटों के लिए जिम की आदत को जिम्मेदार ठहराया है.

Yograj Singh on Jasprit Bumrah Injury: भारतीय क्रिकेट टीम शुक्रवार, 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की शुरुआत करेगी. 19 सदस्यीय इंडियन स्क्वॉड में जसप्रीत बुमराह सबसे बड़े मैच विनर खिलाड़ी हैं. हालांकि उनकी चोट ने भारतीय टीम की टेंशन बढ़ाई है. बीसीसीआई ने भी साफ कर दिया था कि वह इंग्लैंड के खिलाफ पांचों टेस्ट मैच नहीं खेलेंगे. इसी साल सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पांचवें टेस्ट मैच में चोट के कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा और वे क्रिकेट से ही चार महीने के लिए बाहर हो गए और आईपीएल 2025 में वापसी की. उनके वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर बीते एक साल में काफी चर्चा रही है. अब योगराज सिंह ने बुमराह के लगातार चोटिल रहने के पीछे के कारणों पर बात रखी है. 

इनसाइड स्पोर्ट्स पर बात करते हुए योगराज सिंह ने कहा, “बुमराह चार बार चोटिल हो चुके हैं. जानते हैं क्यों? उसका कारण जिम है. और भी खिलाड़ी हैं मोहम्मद शमी, हार्दिक पांड्या. आपको बॉडी बिल्डिंग करने की जरूरत नहीं है. पुराने समय में वेस्टइंडीज के गेंदबाज जैसे माइकल होल्डिंग बहुत लचीले हुआ करते थे. विव रिचर्ड्स ने 35 साल की उम्र तक जिम का रुख नहीं किया था.” उन्होंने आगे कहा, “मैं हैरान हूं कि खिलाड़ी जिम जा रहे हैं. आजकल इतनी सारी चोटें इसलिए हो रही हैं क्योंकि खिलाड़ी जिम जा रहे हैं. बुमराह चार बार चोटिल हुए, क्योंकि वह जिम जाते हैं. शमी और हार्दिक पंड्या भी इसी श्रेणी में आते हैं.”

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एक उम्र के बाद ही जिम जाना चाहिए

योगराज ने सुझाव दिया कि क्रिकेटरों को 35-36 साल की उम्र में ही जिम जाना चाहिए, क्योंकि शुरुआत में ही भारी एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां सख्त (स्टिफ) हो जाती हैं. उन्होंने कहा, “जिम तब के लिए है जब आप 35-36 साल के हो जाते हैं. वरना आपकी मांसपेशियां सख्त हो जाएंगी. लेकिन किसी को पता होना चाहिए कि वह क्या कर रहा है. असली ताकत तो 36-37 की उम्र से बननी शुरू होती है, जब आपका शरीर ढलान पर होता है. तब मैं समझ सकता हूं कि जिम मदद करेगा.”

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कृपया जिम भेजना बंद करें

युवराज सिंह के पिता ने आगे कहा, “आजकल के युवा जिम जा रहे हैं. यही वजह है कि इतने सारे खिलाड़ी चोटिल हो रहे हैं. मैं कह सकता हूं कि 30-40 साल पहले ऐसा नहीं था. तब चोटें न के बराबर होती थीं. क्योंकि क्रिकेट के लिए शरीर में लचीलापन जरूरी है, जैसे जिमनास्ट होते हैं. बॉडी वेट से एक्सरसाइज करें पुल-अप्स, पुश-अप्स, सिट-अप्स और कोर वर्कआउट करें. लेकिन भगवान के लिए, कृपया खिलाड़ियों को जिम भेजना बंद करें.”

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By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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